{"_id":"635174988afa04171c063830","slug":"kedarnath-helicopter-crash-lt-col-pilot-anil-singh-died-during-last-flight-in-dham","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश: बाबा के धाम में आखिरी उड़ान ने छीन ली पायलट अनिल की जान, इसके बाद जाना था अमेरिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश: बाबा के धाम में आखिरी उड़ान ने छीन ली पायलट अनिल की जान, इसके बाद जाना था अमेरिका
विनय बहुगुणा, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 20 Oct 2022 10:02 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
पायलट अनिल सिंह की केदारनाथ में आखिरी उड़ान के दौरान मौत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल सिंह (57, आर्मी एविएशन से सेवानिवृत्त) की 18 अक्तूबर को केदारनाथ यात्रा में आर्यन हेली एविएशन के साथ वह आखिरी उड़ान थी, जिसने उनकी जिंदगी छीन ली। यह उड़ान पूरी हो जाती तो वह अपने घर महाराष्ट्र जाते। इसके बाद वहां से उन्हें अमेरिका जाना था जहां हेलीकॉप्टर उड़ान का एक टेस्ट देना था जो हर पायलट को हर पांच साल में देना होता है।
सेना में हेलीकॉप्टर उड़ान के चार हजार घंटे से अधिक के अनुभव के साथ ही लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल सिंह पिछले कुछ समय से निजी हेली एविएशन से भी जुड़े थे। इस यात्राकाल में वह आर्यन हेली एविएशन के साथ केदारनाथ यात्रा में हेलीकॉप्टर की उड़ान भर रहे थे।
बीते मंगलवार को भी वह हेलीकॉप्टर पर पहुंचे और 13 शटल की लेकिन 14वीं शटल पूरी नहीं हो पाईं और वह छह यात्रियों सहित स्वयं काल का ग्रास बन गए। वर्ष 2005 से 2019 तक केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवा में अलग-अलग हेली कंपनियों के साथ जुड़े ग्राउंड फेस मैनेजर बृजमोहन बिष्ट ने बताया कि पायलट अनिल सिंह की यह इस सीजन की आर्यन कंपनी के साथ आखिरी उड़ान थी।
2 of 5
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश
- फोटो : अमर उजाला
उन्हें हेलीकॉप्टर उड़ान से संबंधित एक परीक्षा में शामिल होने के लिए अमेरिका जाना था। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था और यह उड़ान उनकी आखिरी ही हो गई। उन्होंने बताया कि सेना में विषम से विषम परिस्थितियों में भी वह सकुशल हेलीकॉप्टर उड़ा लेते थे।
3 of 5
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश
- फोटो : अमर उजाला
हेलीकॉप्टर उड़ान का अंतिम निर्णय पायलट का होता है। इसी निर्णय को लेने में पायलट अनिल सिंह चूक गए। उनसे पहले तीन हेलीकॉप्टर केदारनाथ के गुप्तकाशी, फाटा के लिए उड़ान भर चुके थे। ऐसे में उन्होंने भी समझा की कोहरा आगे भी हल्का होगा और वह आसानी से निकल जाएंगे, लेकिन चूक यह हो गई कि शुरू से ही उन्होंने हेलीकॉप्टर को कम ऊंचाई पर रख दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में जैसे ही गरूड़चट्टी तक पहुंचे, वहां कोहरा छा गया। हेलीकॉप्टर सेवा से जुड़े बृजमोहन सिंह बिष्ट बताते हैं ऐसे में एक ही रास्ता था कि वह हेलीकॉप्टर को वापस केदारनाथ ले आते लेकिन यहां भी घना कोहरा छाने से दोनों तरफ के रास्ते बंद हो गए।
विज्ञापन
5 of 5
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद हेलीकॉप्टर अचानक पहाड़ी से टकरा गया। कहा कि हेलीकॉप्टर की टेक्निकल जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम तैनात रहती है। इसलिए हेलीकॉप्टर में तकनीकी खामी का कोई सवाल नहीं उठता।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।