दिलेर 'मौसी' को सलाम, किडनैपरों के चंगुल से छुड़ाया छात्र
पांच दिन पहले उत्तराखंड के नानकमत्ता से अपहृत छात्र को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। काशीपुर की एएसपी कमलेश उपाध्याय ने छात्र को छुड़ाने में उसकी मौसी बनकर अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने चार अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने के साथ ही फिरौती के रूप में दी गई पांच लाख में से चार लाख की रकम बरामद कर ली है। पुलिस एक फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी है। बता दें कि अमर उजाला ने छात्र की सकुशल वापसी के लिए ही अपहरण की खबर को उजागर नहीं किया था।
दिलेर 'मौसी' को सलाम, किडनैपरों के चंगुल से छुड़ाया छात्र
एएसपी को अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने के लिए कार्तिक की मौसी बनना पड़ा। तीन फरवरी की रात को छात्र की मां रश्मि घई के साथ बहन के रूप में एक महिला कांस्टेबल और ड्राइवर के रूप में दरोगा दिनेश नाथ गए। उसके बाद चार फरवरी की रात को अपहरणकर्ताओं के मुरादाबाद बुलाने पर रश्मि घई के साथ छोटी बहन के तौर पर एएसपी कमलेश उपाध्याय गई थीं। साथ ही ड्राइवर के रूप में एसओ कुंडा रमेश तनवार शामिल थे।
दिलेर 'मौसी' को सलाम, किडनैपरों के चंगुल से छुड़ाया छात्र
शनिवार को पत्रकार वार्ता में अपहरणकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि कार्तिक घई (15) अपनी मौसी संगीता निवासी सितारगंज के घर में रहकर लालपुर के एक नामी स्कूल में दसवीं में पढ़ता है। उसके पिता दीपक घई सिंगापुर में एक इंजीनियरिंग कंपनी में काम करते हैं, मां रश्मि भी वहीं रहती हैं। रश्मि इन दिनों अपने पिता जीतराज निवासी गढ़ीनेगी काशीपुर के घर आई हैं।
दिलेर 'मौसी' को सलाम, किडनैपरों के चंगुल से छुड़ाया छात्र
2 फरवरी की शाम कार्तिक को नानकमत्ता के एक होटल में बर्थडे पार्टी में बुलाने के बहाने अपहरण कर लिया गया था। उसी रात अपहरणकर्ता ने कार्तिक की मां रश्मि के मोबाइल पर फोन कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगते हुए पैसे रखने की जगह अगले दिन बताने को कहा। अपहरणकर्ता ने 3 फरवरी की रात रश्मि को पैसे लेकर ट्रेन से मुरादाबाद आने को कहा। रश्मि के मना करने पर कार से रामपुर दोराहा मुरादाबाद स्थित एक ढाबे के पास बुलाया। काफी इंतजार के बाद अपहरणकर्ताओं ने पैसे रखा बैग सुनसान जगह में छोड़ने को कहा तो रश्मि ने पहले कार्तिक से बात कराने की शर्त रख दी।
दिलेर 'मौसी' को सलाम, किडनैपरों के चंगुल से छुड़ाया छात्र
उसके बाद अपहरणकर्ताओं ने फिर अगले दिन यानी 4 फरवरी की रात फिरौती की रकम लेकर उसी ढाबे के पास एक रेलवे क्रासिंग पर बुलाया और रात करीब 11 बजे रश्मि ने अपहरणकर्ताओं के बताई जगह पर पांच लाख की रकम भरा बैग रख दिया। मुंहमांगी रकम नहीं मिलने से अपहरणकर्ता ने फोन पर नाराजगी जताई और 5 फरवरी की रात कार्तिक को हरियावाला चौक कुंडा में छोड़ दिया। जब तक कार्तिक छूटता पुलिस अपहरणकर्ताओं के गिरेबां तक पहुंच चुकी थी।