कारगिल युद्ध जब शुरू हुआ था तो उससे पहले देहरादून के बड़ोवाला निवासी शहीद सुरेंद्र सिंह दो माह की छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी खत्म होने पर सुरेंद्र ड्यूटी चला गया था। शहादत से पांच दिन पहले सुरेंद्र ने फोन कर बताया था कि वह सकुशल हैं। लेकिन उसके बाद उसकी शहादत की खबर परिजनों को मिली। इसके बाद हंसता-खेलता पूरा परिवार सदमे में डूब गया। सुरेंद्र की शहादत में प्रेमनगर में बनाए गए स्मारक को आज भी मां रोज सफाई करने जाती हैं।
CourageInKargil: 22 की उम्र में बेटे ने दी शहादत, मां मंदिर बनाकर आज भी करती है इस वीर योद्धा की पूजा
हरीश कंडारी , अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 26 Jul 2020 01:19 PM IST
सार
- पांच दिन पहले कहा था ठीक हूं, इसके बाद मिली शहादत की खबर
- बेटे को याद कर भर आई शहीद सुरेंद्र सिंह के माता-पिता की आंखें
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