जोशीमठ भू-धंसाव को लेकर इसरो की ओर से रिपोर्ट जारी गई है। जिसमें बताया गया है कि 12 दिन में जोशीमठ की जमीन 5.4 सेंटीमीटर धंसी है। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर की ओर से सैटेलाइट इमेज जारी की गई। जिसमें यह साफ दिखाई दे रहा है।
Joshimath Crisis: जोशीमठ भू-धंसाव को लेकर ISRO की रिपोर्ट आई सामने, 12 दिन में 5.4 सेंटीमीटर धंसी जमीन, PICS
दूसरी ओर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईआईआरएस) ने करीब दो साल की सेटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन करने के बाद रिपोर्ट सरकार को दी है। जिसमें बताया गया कि जोशीमठ हर साल 6.62 सेंटीमीटर यानी करीब 2.60 इंच धंस रहा है।
आईआईआरएस देहरादून के वैज्ञानिकों ने जुलाई 2020 से मार्च 2022 के बीच जोशीमठ और आसपास के करीब छह किलोमीटर क्षेत्र की सेटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन किया।
जोशीमठ ही नहीं, पूरी घाटी में हो रहा भू-धंसाव
आईआईआरएस ने जो वीडियो जारी किया है, उसमें यह भी दर्शाया गया कि भू-धंसाव केवल जोशीमठ शहर में ही नहीं हो रहा है। पूरी घाटी इसकी चपेट में है। आने वाले समय में इसके खतरनाक नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
ये भी पढ़ें...Joshimath Crisis: जमापूंजी से बनाया था घर, अब कहां बसाएंगे पता नहीं...चेहरे पर दिखी बेबसी, तस्वीरें रुला देंगी