अपना घर खाली करने के दौरान हर कोई भावुक हो रहा है। प्रभावित महिलाएं फूट-फूटकर रो रही हैं। उनका कहना है कि अपनी जमापूंजी से यह घर बनाया था अब उन्हें कहां बसाया जाएगा इसका कुछ पता नहीं। बृहस्पतिवार को घर का सामान समेटने में जुटीं मनोहर बाग वार्ड की मीना देवी ने कहा कि अपनी जमापूंजी से यह घर बनाया था इसे खाली करना पड़ रहा है।
Joshimath Crisis: जमापूंजी से बनाया था घर, अब कहां बसाएंगे पता नहीं...चेहरे पर दिखी बेबसी, तस्वीरें रुला देंगी
एनटीपीसी के खिलाफ क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश है। बृहस्पतिवार को जोशीमठ के समीप चांई गांव के ग्रामीणों ने जोशीमठ बचाओ, एनटीपीसी भगाओ... के नारे के साथ सड़क से लेकर तहसील परिसर तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने तहसील परिसर में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों में अधिकांश महिलाएं थीं।
चांई गांव भी पूर्व में विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना से प्रभावित गांव है। परियोजना की सुरंग से गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। बृहस्पतिवार को जोशीमठ के आपदा प्रभावितों के समर्थन में चांई गांव के महिला व पुरुष हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जोशीमठ पहुंचे और नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील में धरना दिया।
चांई गांव की यशोदा देवी ने कहा कि जोशीमठ को ऐसे ही बरबाद नहीं होने दिया जाएगा। सरकार को पुनर्वास की नीति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चांई गांव पहले ही भू-धंसाव का भुक्तभोगी है। हमने आपदा का दर्द देखा है। जोशीमठ को बरबाद नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि जोशीमठ नगर की सुरक्षा के सरकार को पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
तहसील परिसर में धरने पर बैठी ममता देवी ने कहा कि जोशीमठ क्षेत्र का भविष्य जल विद्युत परियोजनाओं ने लील दिया है। जगह-जगह हो रहा भू-धंसाव इसी का कारण है। सरकार मुआवजा राशि निर्धारित कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी यदि जोशीमठ के साथ अन्याय किया गया तो आंदोलन तेज कर लिया जाएगा।