आधी रात को दुर्घटना के शिकार हुए गार्ड धर्मपाल मौर्या की एक साल पहले 17 अप्रैल को शादी हुई थी। काल ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि गार्ड को कार ने कुचल दिया और उसकी मौत हो गई। शादी की सालगिरह के दिन बड़ा भाई छोटे भाई की अर्थी लेकर पहुंच गया। घटना के चलते गांव के लोग काफी गमगीन थे।
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हल्द्वानी में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
रामपुर जिले के कनियापुरा मिलक का मूल निवासी धर्मपाल पुत्र रोशन लाल आर्थिक रूप से काफी कमजोर था। नौकरी की तलाश करने के लिए वह छह साल पहले शिवाजी कॉलोनी में रहने वाले फूफा मोहन स्वरूप के पास आया था।
यहां उसे बरातघर में गार्ड की नौकरी मिल गई और अपने फूफा के साथ रहने लगा। बड़े भाई मंगल मौर्या ने बताया कि धर्मपाल तीन भाइयों में सबसे छोटा था। गार्ड की नौकरी में कम कमाई होने के कारण उसने किराए का कमरा नहीं लिया था। पोस्टमार्टम के बाद सालगिरह के दिन बड़ा भाई शव लेकर घर पहुंचा।
बता दें कि हल्द्वानी में अधिकारी आवास निवासी रिटायर्ड तहसीलदार शंकरलाल की बेटी रिया की शादी मंगलवार रात रुद्राक्षी बरातघर में दिल्ली के लाजपतनगर निवासी रितेश से हो रही थी। बरातघर के बाहर खड़े रिया के ममेरे भाई आदर्श उर्फ अंशुल (18) निवासी देहरादून बालावाला, मौसेरे भाई आशीष कुमार (20) निवासी डफरिन लॉज तल्लीताल नैनीताल, बरातघर के गार्ड धर्मपाल (26) निवासी कजियापुरा रामपुर समेत पांच लोगों को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया था।
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हल्द्वानी में हादसा
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आदर्श, आशीष और धर्मपाल को एसटीएच के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। हादसे के बाद कार सवार दूसरी कार में बैठकर भाग गए थे, जबकि बरातियों ने घायल ड्राइवर प्रदीप लोशाली को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।