देहरादून के जिस घर में सोमवार को मातम था, वहां 10 दिन पहले ही खुशियां आई थीं। दरअसल, 10 दिन पहले दिनेश के घर में बालक ने जन्म लिया था। अस्पताल से आठ दिन पहले ही ननद-भाभी और नवजात इस मकान में आए थे। दिनेश और उनके पिता संतोष किशनपुर में किसी व्यक्ति की कोठी की देखभाल करते हैं। दोनों रात को वहीं पर रुकते थे। दिनेश की शादी संगीता से एक साल पहले हुई थी। संगीता का मायका जाखन में है। नवजात बच्चे का मंगलवार नामकरण संस्कार होना था। घर में इसके लिए तैयारी चल रही थी। लेकिन एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
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संगीता के प्रसव की तारीख नजदीक आने पर लक्ष्मी अपनी भाभी की देखभाल करने के लिए कुछ दिन पहले ससुराल हल्द्वानी से दून आई थी। वह अस्पताल में भी लक्ष्मी के साथ रही। आठ दिन पहले ही भाभी और नवजात भतीजे के साथ वह भी काठबंगला वाले मकान में गई थी।
पड़ोसी त्रिभुवन ने बताया कि मलबा आते ही दिनेश के मकान से लगता हुआ बिजली का पोल भी टूट गया। जिससे मकान और आसपास भी करंट दौड़ने लगा। इस वजह से लोग बचाव कार्य शुरू नहीं कर पाए। पुलिस और बिजली विभाग को फोन किया गया, लेकिन वह भी समय पर नहीं पहुंचे।
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राजपुर क्षेत्र काठ बंगला बस्ती में मकान की छत ढह गई।
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, भारी बारिश से रविवार देर रात राजपुर की काठ बंगला बस्ती में एक मकान ढह गया। अंदर सो रही एक महिला, उसका नवजात बेटा और ननद जिंदा दफन हो गए। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने तीनों शवों को मलबे से निकाला। यह परिवार नेपाली मूल का बताया जा रहा है।
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राजपुर क्षेत्र काठ बंगला बस्ती में मकान की छत ढह गई।
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी हरि बहादुर ने बताया कि मृतका संगीता (22), पति दिनेश, 10 दिन के नवजात बेटे और ननद लक्ष्मी (28) पत्नी मन्नू निवासी राजपुरा, हल्द्वानी जिला नैनीताल के साथ काठ बंगला बस्ती में रह रहे थे। यहीं ऊपर की तरफ वाले मकान में दिनेश के बड़े भाई रामू परिवार के साथ रहते हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से रविवार रात करीब दो बजे पहाड़ी से पानी के साथ अचानक मलबा आने लगा। आवाज सुनकर दिनेश उठे और कुछ देर बाद अपने भाई रामू को जगाने गए।
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राजपुर क्षेत्र काठ बंगला बस्ती में मकान की छत ढह गई।
- फोटो : अमर उजाला
रामू अपनी पत्नी निर्मला और एक साल के दो जुड़वां बच्चों के साथ बाहर आए। दिनेश के साथ वे पास में ही सुरक्षित दूसरी छत की तरफ गए। तभी अचानक भारी मात्रा में आए मलबे ने तेजी से दिनेश और रामू के मकानों को ढहा दिया, जिससे नीचे वाले मकान में सो रही दिनेश की पत्नी संगीता, नवजात बच्चा और पत्नी की देखभाल करने के लिए आई बहन लक्ष्मी जिंदा दफन हो गए। लगभग साढ़े तीन बजे लोगों ने घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 और जिला प्रशासन को दी।
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उत्तराखंड में बारिश से तबाही।
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जिलाधिकारी सोनिका और सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान आदि भी मौके पर पहुंचे। मंत्री और डीएम ने बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जेसीबी से मलबे को हटाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शव मलबे से मिल गए।