होलिका दहन में अशुभ माना गया भद्रा योग इस बार बाधा नहीं बनेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम साढ़े छह बजे से रात साढ़े आठ बजे तक रहेगा। इसके बाद चौघड़िया में शुभ, लाभ व अमृत के दौरान भी होलिका दहन किया जा सकता है। होलिका दहन 28 मार्च को होगा, जबकि 29 मार्च को होली मनाई जाएगी। होलिका दहन होली त्योहार का पहला दिन, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों से खेलने की परंपरा है। ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि होलिका दहन के दिन भद्रा योग दोपहर एक बजे तक रहेगा। जबकि, होलिका दहन शाम को गोधुलि बेला के समय से शुरू होगा। माना जाता है कि होलिका दहन के दौरान हवा की दिशा से तय होता है कि अगले एक साल तक व्यापार, कृषि, वित्त, शिक्षा व रोजगार आदि कैसा रहेगा। कहा कि होलिका की रात को दीपावली व शिवरात्रि की तरह महारात्रि की श्रेणी में शामिल किया गया है। होलिका की राख को मस्तक पर लगाने का विधान है। ऐसा करने से शारीरिक कष्ट दूर होते हैं। इस रात मंत्र जाप करने से मंत्र सिद्धि प्राप्त होती है। होलाष्टक रविवार से शुरू हो गया है और 28 मार्च को इसका समापन होगा।
होली 2021ः होलिका दहन में भद्रा योग नहीं बनेगा बाधा, इस दिन मनाई जाएगी होली, ये है शुभ मुहूर्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 21 Mar 2021 10:51 AM IST
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