हरिद्वार में 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या करने के बाद आरोपी बेखौफ होकर न केवल घटना स्थल वाले घर के बाहर टहलते रहे बल्कि बच्ची के कपड़ों को छिपाने के लिए ढाई किमी दूर रानीपुर मोड़ तक आए। रानीपुर मोड़ के पास एक डस्टबिन से बच्ची के कपड़े बरामद हुए हैं। कोतवाली निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि डस्टबिन से बरामद कपड़ों को कब्जे में ले लिया है।
जिस घर में घटना को अंजाम दिया गया वह तीन मंजिला है और कई कमरे बने हैं। कॉलोनी वालों के मुताबिक रविवार दोपहर में बच्ची अपने घर की छत पर भाई के साथ पतंग उड़ा रही थी। भाई के ट्यूशन जाने के बाद बच्ची भी छत से नीचे सड़क पर आ गई। बच्ची की मां घरेलू कामकाज में व्यस्त थी, जबकि पिता अपनी साइड पर थे। सड़क पर ही बच्ची के साथ पड़ोस के कई बच्चे भी खेलने आ गए।
इस बीच रामतीरथ यादव ने बच्चों को पतंग देने के लिए आवाज दी। रामतीरथ यादव अक्सर बच्चों को पतंग देता था। बच्चों ने पतंग लेने से इनकार कर दिया और अपने घरों को चले गए। पुलिस के मुताबिक बच्ची काफी देर तक सड़क के पास खेलते रही। मौका पाकर आरोपी रामतीरथ ने बच्ची को पतंग के बहाने घर में बुला लिया और प्लानिंग के तहत उसके मुंह पर टेप लगा दिया, ताकि वह शोर न मचा सके।
पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त राजीव कुमार भी घर पर था। बच्ची के साथ दुष्कर्म करने से पहले उसके हाथों को पीछे की तरफ कार्टन पैक करने वाली प्लास्टिक की रस्सी से बांध दिया। बच्ची से दुष्कर्म किया गया और उसके बाद प्लास्टिक की रस्सी से ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को एक कमरे की अलमारी के रैक में बैठा दिया। उसके आसपास नए कपड़े रख दिए, ताकि वह डमी लगे।
मासूम के लापता होने की खबर फैलते ही परिजन और कॉलोनी के लिए उसकी खोजबीन में जुट गए थे। बताया जाता है कि दोनों आरोपी भी घर से बाहर निकलकर सड़क पर आ गए और लोगों के साथ उसकी तलाश का नाटक करने लगे। माना जा रहा है कि दोनों ने यह नाटक इसलिए किया ताकि किसी को उनपर शक न हो, लेकिन दोनों शातिरों की नाटकबाजी ज्यादा देर नहीं चली और उनकी करतूतों से पर्दा उठ गया।