अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव पर श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि और अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि के नेतृत्व में नागा संन्यासियों ने गंगा स्नान किया। नागा संन्यासियों ने कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए श्री आनंद भैरव घाट पर सांकेतिक रूप से गंगा में डुबकी लगाई।
गंगा स्नान के बाद भगवान दत्तात्रेय श्रीआनंद भैरव और महामाया माता मायादेवी की नागा संन्यासियों ने पूजा-अर्चना व परिक्रमा की। भगवान दत्तात्रेय की चरणपादुका पर ओकांर उठाने और पूजा अर्चना के साथ ही कुंभ 2021 के विधिवत समापन की घोषणा हुई।
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श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा आगामी 18 मई को श्रीगंगा सप्तमी के पावन पर्व पर भगवान बदरीनाथ के कपाट खुलेंगे। जूना अखाड़े के नागा संन्यासी गंगा स्नान कर भगवान बदरीनाथ की मानस पूजा-अर्चना करेंगे। उन्होंने बताया गंगा सप्तमी के दिन ही दु:खहरण हनुमान मंदिर बिड़ला घाट स्थित धर्मध्वजा को अखाड़े की परंपरानुसार उतारा जाएगा।
जूना अखाड़ा के सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि ने बताया कि कुंभ पर्व 2021 वैश्विक महामारी के कारण कुछ पाबंदियों के साथ हुआ। लेकिन कुंभ के प्रति आस्था और विश्वास में किसी प्रकार की कोेई कमी नही हुई।
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नागा संन्यासियों का स्नान
- फोटो : अमर उजाला
कोविड के कारण साधु संतों ने पूरे नियमों के साथ शाही स्नान किया। विपरीत परिस्थितियों में कुंभ मेला का समापन कराने में अखाड़ा परिषद, अखाड़ों के साथ पदाधिकारियों के साथ मेला प्रशासन व पुलिस का योगदान सराहनीय रहा। वैश्विक महामारी के खात्मे के लिए जूना अखाड़े में लगातार अध्यात्मिक अनुष्ठान किए जाते रहेंगे।
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स्नान के लिए जाते नागा संन्यासी
- फोटो : अमर उजाला
अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय सचिव एवं कुंभ मेला प्रभारी श्रीमहंत महेशपुरी ने कहा कोरोना महामारी के बावजूद कुंभ पर्व 2021 सकुशल संपन्न हो गया। इस दौरान श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि, कोठारी श्रीमहंत संध्यागिरि, महंत लाल भारती, थानापति महंत नीलकंठगिरि, महंत विवेकपुरी, महंत रणधीर गिरि, महंत कमलापुरी, महंत पशुपतिगिरि, महंत आजाद गिरि समेत कई संत मौजूद रहे।
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महाकुंभ का स्नान
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
18 मई को श्रीगंगा सप्तमी है। जूना अखाड़ा के संत सांकेतिक स्नान करेंगे। कढ़ी पकौड़ा भोज करने के बाद रमता पंचों को देश भ्रमण के लिए रवाना कर दिया जाएगा। रमता पंचों की जमात हरिद्वार कुंभ 2021 के विधिवत समापन के पश्चात पूरे देश का भ्रमण करते हुए प्रयागराज में होने वाले कुंभ 2024 में पहुंचेगी।
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हरिद्वार कुंभ
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वैदिक परंपरानुसार ग्रहों की स्थिति एवं ज्योतिष्य गणना के आधार पर कुंभ 2021 का 14 अप्रैल को शाही स्नान के साथ शुभारंभ हुआ था। शुक्रवार 14 मई को देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना व वैश्विक महामारी कोरोना की त्रासदी से देश को मुक्ति दिलाए जाने की कामना के साथ समापन हो गया।
- श्रीमहंत हरिगिरि, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक जूना अखाड़ा