जब नशे के खिलाफ जिंदगी के लिए सड़कों पर बुजुर्ग और दिव्यांग निकले तो युवाओं के लिए मिसाल बन गए। शहर की सड़कों पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। आप भी देखिए इनकी जोश और जुनून से भरी तस्वीरें..
नशे के खिलाफ पुलिस की हॉफ मैराथन दौड़ में आज सुबह शहर की सड़कों पर जन सैलाब उमड़ा। देहरादून, राज्य पुलिस मैराथन दौड़ को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार सुबह हरी झंडी दिखाई। दौड़ में कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
इस मैराथन में 21 किलोमीटर और 10 किलोमीटर दौड़ का आयोजन किया गया। 20 हजार से ज्यादा लोगों ने दौड़ के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। 21 किलोमीटर दौड़ के विजेता को 1 लाख का पुरस्कार मिलेगा। मैराथन में 53 विदेशियों के साथ 22 राज्यों के धावकों ने हिस्सा लिया। मैराथन में विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों को दस लाख रुपये तक के पुरस्कार वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने युवाओं से अपील की है कि हर प्रकार के नशे से दूर रहे तथा नशे के विरुद्ध अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा न केवल युवा पीढ़ी को शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर करता है बल्कि देश को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास है।
उन्होंने कहा कि युवा ना केवल स्वयं नशे से बचें बल्कि अन्य लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि नशा मात्र व्यक्तिगत समस्या नहीं है बल्कि इसके व्यापक सामाजिक,आर्थिक व राष्ट्रीय दुष्प्रभाव है।