उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य बुधवार को गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर आयोजित धार्मिक दीवान में शिरकत करने नानकमत्ता गुरुद्वारे पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश के लिए असदास भी की। वहीं उन्होंने गुरुद्वारा साहिब के लंगर हॉल में बरते जा रहे गुरु के अटूट लंगर में भी हाजिरी लगाई।
इस दौरान उन्होंने सिख संगत और यूपी के कैबिनेट मंत्री बलदेव सिंह औलख, विधायक छत्रपाल गंगवार, खटीमा के पुष्कर धामी, नानकमत्ता के डॉ. प्रेम सिंह राणा, भाजपा नेता सुरेश गंगवार समेत तमाम जनप्रतिनिधियों ने लंगर छका। उन्होंने कहा कि नानकमत्ता ऐतिहासिक तीर्थ धाम गुरु का स्थान है। जो आम जन को नई राह और नई दिशा दिखाता है।
गुरुनानक देव जी महाराज मानवता की मिसाल हैं। ऊंच-नीच, जात-पात की बात कर उन्होंने सभी को दीन-दुखियों की सेवा करने का उपदेश दिया है। कहा कि वह स्वयं गुरुनानक देव जी के उपदेशों को आत्मसात करतीं हैं। संगत को भी उनके बताए रास्तों को आत्मसात कर समाज और देश की भलाई के लिए काम करना चाहिए। राज्यपाल ने गुरुद्वारे के श्री हरमिंदर साहिब दरबार में गुरु महाराज के समक्ष मत्था टेक अरदास की।
राज्यपाल ने सभी सिख संगत को गुरुनानक देव के 550वें प्रकाश उत्सव की बधाई दी। इस दौरान पंजाब से आए कथावाचक ज्ञानी कर्मवीर सिंह ने गुरुनानक देव जी के उपदेशों को सुनाकर निहाल किया। उन्होंने बताया कि गुरुनानक देव की तपोस्थली नानकमत्ता साहिब की भूमि नवाब मेहंदी हसन खां ने दान में थी। उन्होंने गुरु की शक्ति से प्रभावित होकर 4500 एकड़ जमीन और 300 एकड़ साल का जंगल दान किया था।
राज्यपाल ने पवित्र पंजा साहिब के दर्शन किए और इतिहास की जानकारी ली। राज्यपाल बेबीरानी मौर्य समेत उत्तराखंड-यूपी के तमाम जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। एसएसपी खुद ही पुलिस बल के साथ उनकी सुरक्षा में लगे रहे।