{"_id":"5ab3b1584f1c1b3d1a8b4d16","slug":"good-news-for-farmers-in-uttarakhand-budget-2018","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड बजट 2018: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, जमकर बरसी सरकार की इनायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड बजट 2018: किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, जमकर बरसी सरकार की इनायत
Thu, 22 Mar 2018 08:14 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, भराड़ीसैंण
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, भराड़ीसैंण
Updated Thu, 22 Mar 2018 08:14 PM IST
विज्ञापन
1 of 8
trivendra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार का बजट किसानों के लिए खुशहाली लेकर आया है। किसानों के भविष्य के लिए सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। आगे जानिए...
2 of 8
gairsain
पांच वर्षों के भीतर किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार ने आम बजट में कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र पर फोकस किया है। प्रदेश के किसानों की तरक्की और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए बजट में नई योजनाओं की घोषणा की गई। उत्तराखंड को आर्गेनिक और हर्बल स्टेट बनाने के लिए 1500 करोड़ का प्रावधान किया गया।
3 of 8
gairsain
साथ ही कृषि के लिए 966.68 करोड़ एवं औद्यानिकी के लिए 311.23 करोड़ का अनुमानित बजट का प्रावधान सरकार ने किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में ‘पर ड्रॉप-मोर क्राप’ के तहत किसानों को बेहतर सिंचाई की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए बजट में 20 करोड़ की व्यवस्था की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 8
gairsain
2022 तक किसानों की आय डबल करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में खेतीबाड़ी को प्राथमिकता दी है। पहाड़ों में परती, बंजर भूमि, ग्राम पंचायताें की भूमि पर कृषिकरण कर किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर है। पर्वतीय क्षेत्रों के 700 हेक्टेयर क्षेत्र में परंपरागत फसलों मंडुवा, सावां, गहथ, काला भट्ट, धान, मक्का, गेहूं और मसूर आदि फसल के बीजों का उत्पादन करने कार्यक्रम चलेगा।
विज्ञापन
5 of 8
Prakash Pant and premchand agarwal in gairsain
- फोटो : amar ujala
साथ ही एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में एक गांव को गोद लेकर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। कलस्टर आधारित योजना में चयनित गांवों में कृषि, उद्यान, सब्जी, जड़ी-बूटी, पशुपालन, मशरूम पालन, मधुमक्खी पालन, डेरी, रेशम, फल संरक्षण्सा, प्रोसेसिंग कलेक्शन सेंटर आदि योजनाओं पर काम होगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।