पहाड़ की पथरीली पगडंडियों पर दौड़ते हुए मानसी नेगी प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। अब मानसी ने अपने भविष्य के बारे में भी सोचना शुरू कर दिया है। प्रदेश में खेल कोटे से नौकरी मिलने की आस खत्म होने पर मानसी ने रेलवे में नौकरी के लिए ट्रायल दिया है। मानसी की प्रतिभा को देखते हुए उसके चयन होने की काफी संभावनाएं हैं यदि रेलवे में नौकरी मिल जाती है तो प्रदेश से एक स्वर्णिम प्रतिभा पलायन कर जाएगी।
Golden Girl: ...तो उत्तराखंड से पलायन कर जाएगी स्वर्णिम प्रतिभा, मानसी ने नौकरी के लिए रेलवे में दिया ट्रायल
आसान नहीं था मानसी के लिए घर से बाहर निकलना
मानसी नेगी ग्रामीण परिवेश के परिवार से आती है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में उसके लिए खेलों में घर से बाहर निकलना आसान नहीं था। मानसी ने बताया कि घर में काफी बहाने बनाकर अभ्यास के लिए आती थी। घर से बाहर जाने पर परिवार वाले चिंतित हो जाते थे, लेकिन उसने परिवार को विश्वास में लिया। स्कूल स्तर से फर्राटा दौड़ सहित अन्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया।
नए खिलाड़ियों को कैसे मिलेगा प्रोत्साहन
ग्रामीण परिवेश से निकली मानसी नेगी भले ही इस समय राष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है लेकिन हर परिवार की इच्छा यही रहती है कि उनके बच्चे बेहतर नौकरी में जाएं। अपने जीवन के स्वर्णिम पलों को जब बेहतर नौकरी या कोर्स की तैयारी की जाती है उसे खेलों में लगा दिया जाए और फिर खाली हाथ घर लौटेंगे तो आने वाले खिलाड़ियों को कैसे प्रोत्साहन मिलेगा। लोग अपने बच्चों को खेलों में भेजने के बजाय कोचिंग सेंटर या बेहतर पढ़ाई के लिए भेजने को प्राथमिकता देंगे, जिससे उन्हें कम से कम अच्छा रोजगार तो मिल जाए।
आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की चल रही प्रक्रिया
शासन स्तर पर प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए नौकरी देने के लिए आउट आफ टर्न नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जल्द इस मामले में शासनादेश जारी हो सकता है। जिसमें खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुसार रोजगार से जोड़ा जाएगा।
कब तक दौड़ती रहेगी मानसी
मानसी की मां शकुंतला देवी ने बताया कि खेती-बाड़ी और दूध, घी बेचकर परिवार का खर्च चल रहा है। उन्होंने बताया कि मानसी कब तक दौड़ती रहेगी। सरकार को नौकरी दे देनी चाहिए। नौकरी मिल जाए तो उसका भविष्य अच्छा हो जाएगा।