ऋषिकेश पहुंचे स्वीडन के महामहिम राजा कार्ल 16वें गुस्ताफ और रानी सिल्विया के सामने एक पर्यावरण प्रेमी बच्ची ने ऐसी बात कर दी कि वहां खड़े अधिकारी उसकी बाते सुनकर सन्न रह गए। वहीं वे इस बारे में शाही दंपति के सामने कुछ कह भी नहीं पाए।
गुरुवार को जब महामहिम राजा कार्ल गुस्ताफ ने जब गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों की जानकारी ली तो पर्यावरण प्रेमी रिद्धिमा पांडेय ने स्वच्छता की पोल खोलकर रख दी। रिद्धिमा पांडेय ने उन्हें स्पष्ट बताया कि गंगा के ये जो घाट चमक रहे हैं, वह सिर्फ आपके आगमन से चमके हैं।
एक दिन पहले गंगा घाट और उसके आसपास के क्षेत्रों का रंगरोगन और सफाई करवाई गई है। वरना ये घाट गंदे पड़े रहते हैं। उन्होंने बताया कि गंगा का जल जैसा दिख रहा है वास्तव में वह मौलिक स्वरूप नहीं है। लाख कोशिशों के बावजूद आज भी सीवरेज का गंदगी गंगा में गिर रही है।
उन्होंने कहा कि जागरुकता के अभाव में लोग नमामि गंगे अभियान का अटूट हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। दूसरी ओर जिम्मेदार आश्रम और सरकारी मशीनरी भी गंगा स्वच्छता के प्रति गैर जिम्मेदार हैं। इस दौरान राजा कार्ल 16वें गुस्ताफ से मुलाकात करने वाले बच्चों में रिद्धिमा के अलावा, शुभ, पल्लवी और वंशिका शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार एंबेसी की ओर से रिद्धिमा को हिदायत दी गई थी कि पर्यावरण संरक्षण और गंगा स्वच्छता के मुद्दे पर सरकार की आलोचना से बचें। इसके बाद रिद्धिमा ने अपने पिता दिनेश चंद्र पांडेय से इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि जो भी सच हो वह कहना। अति विशिष्ट मेहमानों के सामने पर्यावरण प्रेमी ने सरकारी तंत्र के प्रयासों की कलई खोल दी।