गांव का महौल देखने लायक था जब एक साथ चार दुल्हनों ने गृह प्रवेश किया। देखिए...
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ब्लॉक के तीयां गांव में चार सगे भाइयों की दुल्हन एक साथ घर में आई। रवाईं घाटी के कुछ गांवों में सामूहिक विवाह की प्रथा पहले से रही है, लेकिन यह पहला अवसर है जब चार सगे भाइयों की एक साथ शादी हुई।
तीयां की संकली देवी ने चारों बेटों का विवाह एक साथ करके रवाईं घाटी की परंपरा को जिंदा रखने के साथ ही शादी पर अलग-अलग समय पर होने वाले खर्चे को भी बचाया है। स्व. रामचंद्र बहुगुणा के बड़े बेटे ब्रह्मानंद एवं शर्मानंद ने बताया कि सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा पर उनके चार भाई विशालमणि, नरेश, बृजमोहन एवं सुरेश का सामूहिक विवाह कराया गया।
बृजमोहन (शिक्षक) की शादी गुंदियाटगांव की अरुणा, सुरेश (आईटीबीपी जवान) की शादी लाखामंडल की अनीता, नरेश (प्राइवेट नौकरी) की शादी पुरोला की रोहिणी व विशालमणि (होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षित) की शादी खमुंडी मल्ली गांव की स्मिता से हुई है।
एक साथ घर में चार बहुओं के गृह प्रवेश से संकली देवी काफी खुश है। उन्होंने कहा कि परिवार की ताकत उनके घर के सदस्यों की एकता पर टिकी है। विवाह एक पवित्र बंधन है, जिसमें दिखावे की कोई जगह नहीं होती है।