आतंकियों से लोहा लेते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए चंपावत के लाल राहुल रैंसवाल की पार्थिव देह का बुधवार को परिजन और नगर के लोग पूरे दिन नम आंखों से इंतजार करते रहे। 18 कुमाऊं के इस शहीद जांबाज की पार्थिव देह के बृहस्पतिवार को आने की जानकारी बुधवार की शाम पुष्ट हुई।
लोग बुधवार की सुबह से ही परिवारीजनों को सांत्वना देने के लिए शहीद के कनलगांव स्थित आवास पर पहुंच गए थे। मां हरू देवी, पत्नी प्रीति सहित परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। लखनऊ में 15 कुमाऊं में तैनात शहीद राहुल के बड़े भाई राजेश रैंसवाल अपनी पत्नी और शहीद की पत्नी प्रीति के साथ सुबह साढ़े नौ बजे घर पहुंचे।
दोपहर 12 बजे बाद दिल्ली और बठिंडा से शहीद की दोनों बहनें भी पहुंच गईं। इसके बाद माहौल और गमगीन हो गया। इस दौरान लोग देशभक्ति के नारे भी लगाते रहे। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के रियासीबमन गांव के फौजी राहुल रैंसवाल मंगलवार को पुलवामा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए।
राहुल पर एक मकान में महिला के पीछे छिपे आतंकी ने घात लगाकर हमला किया। एडीएम टीएस मर्तोलिया ने बताया कि शहीद राहुल का पार्थिव शव बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे बाद एसएसबी के हेलीपैड पर पहुंचेगा। यहां से पार्थिव देह को उनके आवास ले जाया जाएगा।
अंतिम दर्शन के बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ डिप्टेश्वर घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। राहुल की शहादत की खबर सुनकर लोग परिवारीजनों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच गए। एसडीएम अनिल गर्ब्याल, मेजर जितेंद्र भाखड़ सहित कई अफसरों ने बृहस्पतिवार को होने वाली अंत्येष्टि की तैयारियों का भी जायजा लिया।