देवभूमि में यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। आप भी देखेंगे तो यहां आए बिना रह नहीं पाएंगे।
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में स्थित यह खैट पर्वत आपको जन्नत की सैर करता है। यहां लोगों को अचानक ही कहीं परियों के दर्शन हो जाते हैं। लोगों का ऐसा मानना है कि परियां आस-पास के गांवों की रक्षा करती हैं। किस्सों की दुनिया से आगे निकलते हुए यह एक ऐसी जगह है, जहां आज भी लोग परियों और वनदेवियों को देखने का दावा करते हैं।
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की मैसास्युसेट्स यूनिवर्सिटी ने शोध भी किया है। उसमे पाया गया कि वहां कुछ अद्भुत शक्तियां हैं जो वहां जाने वाले लोगों को अपनी ओर खींचती हैं। खैटखाल नाम का एक मंदिर है जिसे यहां के रहस्यों का केन्द्र माना जाता है। यहां परियों की पूजा होती है और जून के महीने में मेला लगता है।
कहा जाता है कि, परियों को चटकीला रंग, शोर और तेज संगीत पसंद नहीं है। यहां एक जीतू नाम के व्यक्ति की कहानी भी काफी चर्चित है। कहते हैं जीतू की बांसुरी की तान पर आकर्षित होकर परियां उसके सामने आ गईं और उसे अपने साथ ले गईं।
कहा जाता है कि इस पर्वत पर नौ देवियां रहती हैं जिन्हें आंछरियां कहा जाता है। लोग उन्हें ही परियां मानते हैं। लोग मानते हैं कि यहां आकर जो लोग शोर करते हैं परियां उन्हें मूर्छित कर देती हैं और अपने साथ ले जाती हैं।