कॉर्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी जोन में सुबह की पाली में जंगल सफारी को गए सैलानियों की जिप्सियों के पीछे अचानक तीन हाथी दौड़ पड़े। सैलानियों की धड़कनें बढ़ीं तो जरूर लेकिन जिप्सी चालकों ने गाड़ियां दौड़ाकर उनको सुरक्षित निकाल लिया।
दिल्ली से आए सैलानी बिजरानी जोन में सफारी के लिए गए थे। बिजरानी के अंदर तीन जिप्सियों के पीछे तीन हाथी आक्रामक हो गए। हाथियों के साथ उनके बच्चे भी थे। हाथियों को जिप्सी के पीछे भागते देख सैलानियों की सांसे अटक गईं।
जिप्सी चालक ने वाहनों को भगाते हुए सैलानियों की जान बचाई। कुछ देर बाद जब हाथियों का झुंड वहां से निकल गया, तब जाकर सैलानियों ने राहत की सांस ली। बिजरानी जोन के रेंजर राजकुमार ने बताया कि झुंड में बच्चे होने की वजह से हाथी अक्सर आक्रामक हो जाते हैं। बृहस्पतिवार को सैलानियों की जिप्सी के पीछे हाथी दौड़ पड़े, लेकिन जिप्सी दूर जाने के बाद वह शांत हो गए।
बता दें कि कॉर्बेट का बिजरानी जोन और सीतावनी जोन का टेड़ा गेट बृहस्पतिवार से पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। सैलानियों ने जंगल के उन्मुक्त वातावरण में घूमते हुए वन्य जीवों को देखने का लुत्फ उठाया। हालांकि बाघ के दीदार न होने से उनको निराशा हुई।
पार्क वार्डन आरके तिवारी ने बृहस्पतिवार को रिबन काटकर और हरी झंडी दिखाकर बिजरानी जोन को पर्यटकों के लिए खोल दिया। पहली गाड़ी में गुजरात से आए सैलानी विलियम मुदालीर, अबन मुदालीर सबसे पहले जंगल भ्रमण को गए। सुबह की पाली में 132 और शाम की पाली में 153 पर्यटकों ने जंगल सफारी की और 22 पर्यटकों ने रात्रि विश्राम किया।