दीपावली पर जमकर हुई आतिशाजी से राजधानी देहरादून की आबोहवा खतरनाक हो गई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स का आंकड़ा 300 से पार पहुंचा है। देहरादून के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, रुद्रपुर, काशीपुर, रुड़की समेत कई प्रमुख शहरों में भी प्रदूषण स्तर खतरनाक हुआ है।
राजधानी दून के साथ ही हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर जैसे शहरों में दिवाली से पहले ही राजधानी समेत इन सभी शहरों की आबोहवा बिगड़ने लगी थी। राज्य प्रदूषषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, घंटाघर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का आंकड़ा 131 पहुंच गया था।
विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदूषण स्तर को सामान्य होने में तीन से चार दिन का समय लगेगा। दिवाली से पहले सबसे प्रदूषित शहरों में हरिद्वार ने भी उपस्थिति दर्ज कराई है। बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली से एक दिन पहले ही हरिद्वार मेें एक्यूआई का आंकड़ा 168 पर पहुंच गया, जो चिंता का विषय था।
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राजधानी देहरादून में दिवाली पर हुई जमकर आतिशबाजी।
- फोटो : अमर उजाला
दिवाली के दौरान होने वाली आतिशबाजी के चलते प्रदूषण स्तर पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों की नजर रही। बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि प्रदूषण की मानीटरिंग की जा रही थी, जिसमें निजी कंपनी के विशेषज्ञों की मदद भी ली गई।
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राजधानी देहरादून में दिवाली पर हुई जमकर आतिशबाजी।
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि देहरादून के अलावा हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, ऋषिकेश, रुड़की, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल जैसे तमाम शहरों में प्रदूषण स्तर की मानीटरिंग की गई है। जिसकी रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण भेजी जा रही है।
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राजधानी देहरादून में दिवाली पर हुई जमकर आतिशबाजी।
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि सोमवार को आतिशबाजी के दौरान प्रदूषण स्तर के साथ ही ध्वनि प्रदूषण के स्तर के भी मानीटरिंग भी की गई, जिसके लिए विशेषज्ञों को जरूरी निर्देश जारी किए गए थे।
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पटाखे जलाए गए
- फोटो : अमर उजाला
ये होता है एक्यूआइ
शून्य लेकर 50 एक्यूआई स्तर को सेहत के लिए ठीक माना, जबकि 51 से लेकर 100 तक एक्यूआई संतोषजनक, 101 से लेकर 200 तक एक्यूआई स्तर को मध्यम, 201 से लेकर 300 को खराब, 301 से लेकर 400 एक्यूआई स्तर को बेहद खराब और 401 से लेकर 500 तक एक्यूआई स्तर को सेहत के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है।