एक साथ एक स्कूल में पढ़े और फिर परिवार की रजामंदी के बाद एक दूजे के हो गए। मंगलवार को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में चितई ग्वल देवता मंदिर में परिजनों की मौजूदगी में दिव्यांग सुमित और दीपा का पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हो गया।
2 of 7
अल्मोड़ा में दिव्यांग जोड़े की शादी
- फोटो : अमर उजाला
मंगलदीप विद्या मंदिर में पढ़े दिव्यांग सुमित पूर्व में विशिष्ट नेशनल खेल चुके हैं तो वहीं मूक बधिर दीपा कढ़ाई बुनाई की एक्सपर्ट है। दुगालखोला निवासी शंकर दत्त तिवारी और हेमा तिवारी के 29 वर्षीय पुत्र सुमित तिवारी बचपन से मानसिक रूप से कमजोर हैं और उनका एक पैर भी ठीक नहीं है।
3 of 7
अल्मोड़ा में दिव्यांग जोड़े की शादी
- फोटो : अमर उजाला
शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व बनाने के लिए उनके माता पिता ने सुमित को बचपन में ही मंगलदीप विद्या मंदिर में प्रवेश दिलवा दिया। मंगलदीप विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या और शिक्षकों के अथक प्रयास से सुमित ने इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की।
4 of 7
अल्मोड़ा में दिव्यांग जोड़े की शादी
- फोटो : अमर उजाला
मंगलदीप में पढ़ाई करते हुए सुमित विशिष्ट खेलों में स्वीमिंग में राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी कर चुके हैं और जिला स्तर पर उन्हें पुरस्कार भी मिल चुका है। वहीं खोल्टा निवासी स्व. तारा दत्त जोशी और बसंती जोशी की पुत्री दीपा जोशी भी दिव्यांग हैं, वह बोल और सुन नहीं सकती हैं। वे भी मंगलदीप विद्या मंदिर से पढ़ चुकी है।
5 of 7
अल्मोड़ा में दिव्यांग जोड़े की शादी
- फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में दीपा ने दसवीं की परीक्षा दी हैं। दीपा पढ़ाई में ठीक होने के साथ ही कढ़ाई बुनाई में काफी एक्सपर्ट है। परिजनों ने बताया कि बचपन में दोनों शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर थे। लेकिन मंगलदीप विद्या मंदिर के शिक्षकों के प्रयासों से दोनों आज अपने पैरों पर खड़े हैं।