समरजहां की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके साथ लिव इन में रहने वाले राकेश गुप्ता, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। आइए जानते हैं इस हत्याकांड में पुलिस द्वारा किए गए खुलासे की 10 अहम बातें...
समरजहां हत्याकांडः पढ़िए 'नाजायज प्यार' के खूनी अंत पर पुलिस के खुलासे की 10 बेहद अहम बातें
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पुलिस का कहना है कि समरजहां से साथ लिव इन में रहने वाले राकेश गुप्ता, उसकी पत्नी और बेटे ने सोची समझी साजिश के तहत सुपारी देकर कराई थी। लेकिन, समरजहां पर फायरिंग करने वाला मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस का दावा है कि कार्तिक गुप्ता ने माता-पिता की मौन स्वीकृति के बाद चार लाख रुपये में सुपारी दी थी। इसमें से दो लाख एडवांस दिए गए थे। पुलिस के अनुसार इसमें से कुछ रकम कार्तिक को माता-पिता ने ही उपलब्ध कराई थी। मुख्य आरोपी की तलाश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस की दबिश चल रही है।
समरजहां और राकेश गुप्ता के संबंधों को लेकर गुप्ता परिवार में कड़वाहट है। इसी आधार पर गुप्ता के परिवार से पूछताछ की गई। एसएसपी के अनुसार जांच में पता चला कि हत्या में मुजफ्फरनगर के एक गैंग का हाथ हो सकता है। इसी आधार पर देवबंद से मोमिन त्यागी नाम के युवक को पकड़ा गया। उसके माध्यम से उसकी कार्तिक गुप्ता से मुलाकात हुई थी। उस समय कार्तिक ने बताया कि उसके पिता के समरजहां से अवैध संबंध हैं, जिससे परिवार में अक्सर झगड़ा होता है और इससे उसकी मां काफी तनाव में है।
समरजहां की हत्या का सौदा चार लाख रुपये में तय हुआ। इनमें से दो लाख रुपये 29 अप्रैल को कार्तिक ने सहस्त्रधारा रोड स्थित अपने रेस्टोरेंट के पास दिए। उसी दिन कार्तिक ने उसे समरजहां का फ्लैट भी दिखाया था। छह मई को रैकी करने के बाद सात मई की रात कार में आए मुख्य आरोपी ने समरजहां की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। पुलिस हिरासत में कार्तिक गुप्ता ने कहा कि समरजहां की हत्या का उसे भी अफसोस है, लेकिन यह सब उसे मजबूरी में करना पड़ा। करीब एक साल से परिवार में तनाव के साथ बदनामी हो रही थी। अब उसकी मांगें बढ़ने लगी थीं, जिससे हर कोई तनाव में था।
समरजहां की हत्या के आरोप में गिरफ्तारी पर दवा कारोबारी राकेश गुप्ता पुलिस हिरासत में आपा खो बैठे। उन्होंने कहा कि यदि समरजहां की हत्या की साजिश की पहले भनक लग जाती तो वह बेटे कार्तिक का गला घोंट देते। उन्होंने कहा कि हत्या के लिए जिम्मेदार हर शख्स के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वह पूरी तरह बेकसूर हैं। पुलिस ने समरजहां हत्याकांड का खुलासा करते हुए शुक्रवार सुबह आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता का कहना था कि उन्हें समरजहां की हत्या का दूर तक अंदेशा नहीं था।