साल 2018 में देहरादून के सबसे चर्चित मर्डर केस में तीन साल बाद फैसला आया है। एडीजे गुरुबख्श सिंह की अदालत ने सौतेली बेटी प्राप्ति सिंह (24) की हत्या की दोषी मां मीनू कौर को उम्र कैद की सजा सुनाई है। हत्या के बाद उस वक्त जिस हाल में बेटी का शव मिला था, उसने सभी को अंदर तक हिला कर रख दिया था।
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मीनू कौर
- फोटो : अमर उजाला
छह फरवरी 2018 को पुलिस ने मीनू कौर को अंसारी मार्ग स्थित घर से गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि मां ने बेटी के दो टुकड़े कर डाले थे और हत्या कर शव को तीन दिन तक बाथरूम में छुपाए रखा था।
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प्राप्ति सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
खुद को बचाने के लिए भी मीनू कौर ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। अक्सर दोनों मां-बेटी में किसी ना किसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था। आठ फरवरी को मीनू कौर ने पटेलनगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि सात फरवरी की सुबह वह बेटी प्राप्ति को दिल्ली के लिए आईएसबीटी पर बस में बैठाकर गई थी।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : फाइल फोटो
रास्ते में दो बार उससे बात भी हुई, मगर उसके बाद से प्राप्ति सिंह का कुछ नहीं पता। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बात की तो मीनू कौर शक के दायरे में आई। मीनू कौर को पटेलनगर थाने लाकर बातचीत की गई तो उसने पुलिस को खूब गुमराह किया।
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शव लेजाती पुलिस
- फोटो : फाइल फोटो
तीन घंटे की लंबी पूछताछ में मीनू कौर को पुलिस के सामने टूटने में देर नहीं लगी। इसके बाद पुलिस मीनू कौर को लेकर कोठी पर पहुंची, जहां बाथरूम के पीछे बनी गैलरी में छिपाई गई प्राप्ति सिंह की लाश बरामद हुई थी। प्राप्ति सिंह का शव दो टुकड़ों में था। शव को चादर में लपेटने के साथ रस्सी में बांधा गया था।