देहरादून में गुरुवार दोपहर मोहिनी रोड स्थित एक घर में हत्या की सूचना से लोगों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, हत्यारे ने पैर बांधकर शव को रजाई में लपेटा और बोरे में बंद कर दिया। कमरे से दुर्गंध आने पर घटना का पता चला। युवक के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था। प्रथमदृष्टया हत्या का कारण लेनदेन बताया जा रहा है। उसके साथी पर ही हत्या का शक जताया जा रहा है।
Champawat: विभागीय काम से अल्मोड़ा गया SSB का जवान लापता, छह दिन से नहीं कोई खबर
घटनास्थल डालनवाला थाना क्षेत्र के संजय कॉलोनी स्थित शहनवाज का घर है। रात से ही घर के आसपास दुर्गंध आ रही थी। ऐसे में बृहस्पतिवार दोपहर में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। पता चला कि दुर्गंध मकान के ऊपरी हिस्से में ज्यादा आ रही थी। इस कमरे में अशरफ निवासी जाफ्तागंज, नजीबाबाद, बिजनौर और उसका साथी अरमान रहता था। 24 दिसंबर को अरमान कमरा बंद कर चला गया था। सूचना पर पुलिस पहुंची और कमरे का ताला तोड़ा। देखा कि वहां एक खाकी रंग का बोरा रखा हुआ था।
2 of 5
देहरादून में युवक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बोरे को खोला गया तो एक सड़ी-गली लाश रजाई में लिपटी हुई थी। उसकी पहचान अरशद के रूप में हुई। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि एक माह पहले अरशद उनके यहां अपने साथी अरमान के साथ रहने आया था। इनके पास और अन्य लोगों का भी आनाजाना था। 24 दिसंबर के बाद से उन्होंने यहां किसी को नहीं देखा था।
3 of 5
देहरादून में युवक की हत्या के बाद लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अरमान और अरशद भगत सिंह कॉलोनी में चिटफंड का ऑफिस चलाते थे। पुलिस को अरमान पर ही शक है। एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि हत्या का कारण लेनदेन होने की आशंका है। आरोपी की तलाश में एसओजी और पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
4 of 5
देहरादून में युवक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जिस जगह बोरा पड़ा था, वहां दीवार पर चार जगह खून लगा था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले आरोपी और अरशद के बीच संघर्ष भी हुआ था। उसके सिर पर भारी वस्तु से वार किया गया था। हालांकि, पुलिस को वहां से कोई वस्तु बरामद नहीं हुई है। फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट्स और अन्य सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया है।
5 of 5
देहरादून में युवक की हत्या के बाद लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में पुलिस चिटफंड स्कीम की भी अलग से जांच करेगी। पहले इस बात की जांच की जानी है कि उनकी चिटफंड स्कीम रजिस्टर्ड भी थी या नहीं। उनके साथ और कौन लोग काम करते थे। उन्होंने कितने लोगों के पैसे ठगे हैं। सीओ डालनवाला जूही मनराल ने बताया कि इन सब पहलुओं को लेकर एक टीम अलग से जांच कर रही है।