गंगोत्री हाईवे पर हुए वाहन हादसे के बाद से पूरी असी गंगा घाटी में मातम पसरा हुआ है। जिला अस्पताल पहुंच रहे मृतकों के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। इस हादसे में भंकोली गांव के ही 12 लोगों की मौत हुई है। इनमें से पांच तो एक ही परिवार के हैं, जबकि एक दूसरे परिवार के दो बेटों को इस हादसे में काल के क्रूर हाथों ने छीन लिया है।
दुर्घटना स्थल पर टैंपो ट्रैवलर के दुर्घटनाग्रस्त होते ही इस धार्मिक यात्रा में चल रहे सभी वाहन मौके पर रुक गए। यात्रा में शामिल सभी लोग एक दूसरे के करीबी रिश्तेदार थे। हादसा स्थल से शवों के निकाले जाने के दौरान यहां कोहराम मच गया।
भंकोली गांव में धार्मिक यात्रा के लौटने पर इसके स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन ग्रामीणों को क्या मालूम था कि ऐसी दुखद सूचना पहुंचेगी। हादसे की सूचना मिलते ही न सिर्फ भंकोली गांव बल्कि पूरी असी गंगा घाटी में मातम पसर गया। मृतकों के शवों और घायलों को जिला अस्पताल लाते ही परिजन यहां पहुंचने लगे। यहां भी हर तरफ परिजनों का विलाप ही सुनाई दिया।
भंकोली गांव निवासी ममता रावत, विजेंद्र रावत, त्रिभुवन सिंह आदि ने बताया कि हादसे में मृत जगदीश रावत, बचन सिंह एवं रामवीर रावत तीनों सगे भाई थे। इसमें जगदीश की पत्नी रामप्यारी देवी और रामवीर की पत्नी सकला देवी की भी हादसे में मौत हो गई। जबकि रामवीर की बेटी मीनाक्षी गंभीर रूप से घायल है।
हादसे में मृत विरेंद्र रावत एवं सोबेंद्र रावत भी सगे भाई थे। रणवीर रावत की हादसे में मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी राधा गंभीर रूप से घायल हुई। इसी हादसे में जसोदा देवी और उनका बीस वर्षीय बेटा आकाश भी काल के गाल में समा गए। इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।