उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अनुसूचित जाति के युवक की हत्या मामले में दिए गए धरने को नौटंकी करार दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को सलाह दी कि अच्छा होता कि वे अलवर (राजस्थान) में प्रायश्चित कर आते।
एससी युवक की मौत पर कांग्रेसी नेता हरीश रावत ने किया प्रायश्चित, सीएम त्रिवेंद्र ने बताया नौटंकी
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मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश सचिवालय में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उनसे जब यह पूछा गया कि टिहरी के नैनबाग तहसील में अनुसूचित जाति के युवक की हत्या मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मौन व्रत कर रहे हैं तो इस पर मुख्यमंत्री ने तंज किया।
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उन्होंने कहा कि हरीश रावत मुख्यमंत्री रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं। सुदूर उत्तर पूर्व में चुनावी दौरा करके आए हैं। अच्छा होता यदि वे अलवर राजस्थान में प्रायश्चित कर आते। फिर उनको अपने राष्ट्रीय दायित्वों का बोध हो जाता।
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उनकी पार्टी को भी लगता कि वे राष्ट्रीय स्तर के हैं। उन्होंने कहा कि हरीश रावत का धरना खाली नौटंकी है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने मामले की जांच समय पर आने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच यदि समय पर पूरी होती है तो उसके परिणाम भी अच्छे आते हैं।
वहीं एक प्रेस बयान में पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि सब पूछ रहे हैं कि उनका अनुसूचित जाति के युवक के प्रति ये प्रेम घटना के कई दिन बाद कैसे जाग उठा।जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश पर दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे डाला जा चुका है और सरकार व भाजपा पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं।