डुंडा ब्लाक में हैवानियत का शिकार हुई बालिका की बड़ी बहन के सनसनीखेज खुलासे के बाद अब इस वीभत्स कांड का जल्द खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस ने मृतका की बहन के बयान के आधार पर खच्चर चलाने वाले एक युवक को हिरासत में लिया है। हालांकि मामले में पुलिस अभी कुछ भी बोलने से बच रही है। वहीं उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक के एक गांव में बालिका की दुराचार के बाद हत्या के मामले का हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
उत्तरकाशी: जल्द हो सकता है हैवानियत का शिकार हुई बालिका के केस का खुलासा, बहन से मिली मदद
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डुंडा ब्लॉक के एक गांव में 12 वर्षीय बालिका की शुक्रवार की देर रात दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में शक के आधार पर बिहार मूल के पांच मजदूरों के अलावा कुछ स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन सोमवार को पत्रकारों के सामने मृतका की 17 वर्षीय बड़ी बहन ने सनसनीखेज खुलासा कर मामले का रुख ही बदल दिया है।
किशोरी ने बताया कि खच्चर चलाने और मजदूरी करने वाला एक युवक लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था। घटना वाले दिन युवक ने उसे फोन करके रात को उठा ले जाने और साथ नहीं चलने पर उसकी गर्दन उड़ा देने की धमकी दी थी। उसने आगे बताया कि धमकी भरे फोन के बाद वह अपने ननिहाल चली गई, लेकिन अगले ही दिन पता चला कि उसकी छोटी बहन की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई है।
किशोरी का आरोप था कि उसे परेशान करने वाले युवक ने ही उसकी छोटी बहन की हत्या की है। बड़ी बहन के बयान और जांच दल के इनपुट के आधार पर पुलिस ने युवक को पड़ोस के गांव से हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक युवक के नशे में धुत्त होने से उससे पूछताछ नहीं हो सकी है। डीएनए जांच और अधिकारिक पुष्टि से पूर्व पुलिस मामले में कोई भी बयान देने से बच रही है।
सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत के घाट उतार दी गई बालिका के परिजनों से राज्य के परिवहन और समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य सोमवार को मिले मिले। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि सरकार इस जघन्य घटना को लेकर गंभीर है। सरकार हत्यारों की पहचान कर उन्हें कठोर सजा दिलाने का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने की हर संभव मदद की जाएगी। गौरतलब है कि यह परिवार गरीबी के कारण पुजारगांव में खंडहर जैसे घर में रहने को मजबूर है।