बदमाशों ने परिवार के साथ करीब एक घंटे तक बर्बरता की। उन्होंने महिलाओं और मासूमों पर भी रहम नहीं आया। पुरुषों के साथ बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों से भी मारपीट की। बदमाशों की बर्बरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने डेढ़ महीने की मासूम तुलसी को मां की गोद से छीनकर फेंक दिया, लेकिन गनीमत रही कि बच्ची पास में ही पड़ी चारपाई पर जाकर गिरी।
लिहाजा उसे ज्यादा चोट नहीं आई। शोर मचाने पर बदमाशों ने परिवार को जान से मारने की धमकी दी। ऐसे में परिवार पिटता रहा और एक चीख तक नहीं निकाली। पीड़ित परिवार की महिलाओं ने डीआईजी और एसएसपी को बदमाशों की बर्बरता की एक-एक कहानी सुनाई।
शनिवार रात बदमाशों ने माजरी गांव में परिवार पर बर्बरता की हदें पार कर दीं। बदमाश परिवार के सदस्यों को बुरी तरह पीटते रहे। परिवार की महिलाएं बदमाशों के आगे हाथ जोड़कर रहम मांगती रहीं, लेकिन उन्हें जरा भी रहम नहीं आया। बदमाशों ने सारी हदें उस वक्त पार कर दीं, जब डेढ़ महीने की मासूम तुलसी को उसकी मां की गोद से छीनकर फेंक दिया।
बदमाशों का खौफ ऐसा था कि बच्ची को फेंकता देख परिवार की चीख तक नहीं निकली। परिवार के सभी सदस्य चुपचाप बदमाशों के जुल्म सहते रहे। करीब एक घंटे तक बदमाश परिवार पर कहर बरपाते रहे। बदमाशों के वारदात को अंजाम देकर फरार होने के बाद भी परिवार के सदस्य काफी देर तक सहमे रहे और किसी को जानकारी तक नहीं दे पाए।
कुछ देर बाद परिवार के सदस्यों ने घटना की जानकारी पूर्व ग्राम प्रधान पति को दी। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने पर परिवार के सदस्यों ने थोड़ी राहत महसूस की। परिवार पर बदमाशों के कहर बरपाने की कहानी सुनकर ग्रामीणों के चेहरे पर भी दहशत थी। पुलिस अधिकारी भी बदमाशों की बर्बरता की कहानी सुनकर सन्न हो गए। हालांकि, बाद में पुलिस अधिकारियों ने परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि जल्द ही बदमाशों को पकड़कर वारदात का खुलासा किया जाएगा।