हरिद्वार महाकुंभ मेले के दौरान मेला स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाई गई कोरोना जांच में घोटाले का खुलासा होने के बाद अब बचाव किट में भी घोटाले की बू आने लगी है। होम आइसोलेट मरीजों को दी गई कोरोना किट में सामग्री भी पूरी नहीं थी।
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महाकुंभ मेले में आए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच हुई। मेला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों को लेकर हरिद्वार के सचिन डबराल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सचिन ने बताया कि मेला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में झोल है। झोल की परतें खुलने लगी हैं।
उत्तराखंड में कोरोना: संदेह के घेरे में हरिद्वार कुंभ के दौरान हुई एक लाख एंटीजन जांच
सचिन डबराल ने दावा किया कि कोविड जांच में गड़बड़ी होने की जानकारी उनके एक जानकार युवक ने उनको दी। युवक एक लैब में सैंपल कलेक्ट करता था। सैंपल लेने के लिए युवक एक अखाड़े में गया। वहां पर दो-तीन साधुओं ने जांच कराई। जबकि बाकी साधुओं ने जांच कराने से मना कर दिया। युवक ने अपनी लैब के मैनेजर को इसकी जानकारी दी। मैनेजर ने फोन पर युवक को कहा कि जितने भी साधु हैं सबकी निगेटिव रिपोर्ट दिखा दो।
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कुंभ मेले में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व एआईसीसी के महासचिव हरीश रावत ने कुंभ मेले में एक लाख टेस्ट फर्जी होने की संभावना को लेकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पर तंज किया है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, झूठ के महल में मुख्यमंत्री जी एक नई इबारत लिखना चाहते हैं।
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कुंभ के दौरान किए गए एक लाख टेस्ट फर्जी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उन्होंने लिखा कि इन्हें मालूम नहीं, इनका झूठी रेत का महल शीघ्र ढहने वाला है। डर है अगर रिपोर्ट के अनुसार, कुंभ के दौरान किए गए एक लाख टेस्ट फर्जी थे, तो इसने देश में कितनी बड़ी त्रासदी को निमंत्रण दिया होगा। जिम्मेदार कौन।
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दून अस्पताल में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के मामले की जांच
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वहीं राजधानी देहरादून में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अब तक राज्य सरकार की ओर से पैथोलॉजी लैब की जांच का आदेश नहीं मिला है। जिले में इससे संबंधित कोई भी जांच नहीं चल रही है। दून अस्पताल में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के मामले की जांच जरूर चल रही है, लेकिन वो पूरी तरह से एक अलग प्रकरण है।
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श्रद्धालुओं की फर्जी आरटीपीसीआर जांच
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
हरिद्वार महाकुंभ में श्रद्धालुओं की फर्जी आरटीपीसीआर जांच में घपला उजागर होने के बाद शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने दावा किया था कि सभी निजी लैब की जांच की जाएगी। लेकिन काफी दिन बीतने के बाद भी इसका आदेश जारी नहीं हुआ है। सीएमओ अनूप डिमरी ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है।