कोरोना महामारी से जंग का महाअभियान शनिवार को पूरे देश के साथ ही उत्तराखंड में भी शुरू हो गया है। इस अभियान में भाग ले रहे स्वास्थ्य कर्मियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं कैसा रहा इनका अनुभव...
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शेलेंद्र को कोरोना का टीका लगा
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उत्तराखंड में कोरोना का पहला टीका राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वार्ड ब्वाय शैलेंद्र द्विवेदी को लगाया गया। टीका लगने के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी ड्यूटी में जुट गए हैं। दून अस्पताल के रिकार्ड रूम में तैनात द्विवेदी ने कहा कि पिछले लगभग 10 महीने से कोरोना के खिलाफ चल रही जंग अब अपने मुकाम की ओर है। उन्होंने कहा कि ये सामान्य टीके की तरह है। यह ठीक किसी बच्चे को सुई लगने जैसा है। वैक्सीनेशन के बाद अब पहले से ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं।
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रफीक अहमद
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कोटद्वार के बेस अस्पताल में सबसे पहले चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रफीक अहमद को टीका लगाया गया। जिसके बाद वह मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने बताया कि टीके को लेकर कोई घबराने की बात नहीं हैं। सभी लोग टीकाकरण में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को उनके मोबाइल पर मैसेज आया। जिसके बाद वह शनिवार को केंद्र पर पहुंचे। कहा कि मुझे टीकाकरण के बाद कोई परेशानी नहीं हुई।
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डॉक्टर राखी
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टिहरी जिला अस्पताल में सबसे पहले डॉक्टर राखी को वैक्सीन लगी। उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण के समय मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। हम सबको इस अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की जरूरत है। सभी से निवेदन किया कि वैक्सीन को लेकर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें।
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पर्यावरण मित्र दीपक
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चंपावत जिले के टनकपुर में टीकाकरण केंद्र में स्वास्थ्य विभाग के पर्यावरण मित्र दीपक को सबसे पहले टीका लगा। उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण से बिल्कुल भी डरने की जरूरत नहीं हैं। सभी लोग यह टीका लगवाएं। टीकाकरण के लिए केंद्र में समुचित व्यवस्था की गई है।