देहरादून में भाजपा पर चुनी हुई सरकारों को जबरन गिराने की साजिश का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सोमवार को प्रदर्शन किया। राजभवन कूच के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एक किलोमीटर पहले ही बेरिकेड लगाकर रोक लिया। नाराज कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और पुलिस के साथ उनकी धक्का मुक्की हुई। यहां पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को कांग्रेस ने राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन सौंपा।
राजभवन कूच में कांग्रेस ने वैसे सीमित संख्या में कार्यकर्ताओं को शामिल करने की बात की थी। जिला प्रशासन से भी करीब 200 लोगों की अनुमति मांगी गई थी। दोपहर पूर्व कांग्रेस भवन से शुरू हुए मार्च में इससे चार गुना से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शामिल हो गए। कूच के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सोशल डिस्टेंस बना कर रखने की अपील की जाती रही।
दिलाराम बाजार से होते हुए हाथीबड़कला पहुंचने पर इस जुलूस को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। यहां पुलिस अधिकारी बार-बार सोशल डिस्टेंस बनाकर रखने का आग्रह भी करते रहे। इस बीच प्रदर्शन में शामिल एनएसयूआई के कुछ कार्यकर्ताओं व अन्य कांग्रेसियों ने बैरिकेड को लांघने की कोशिश भी की। इससे कांग्रेस और पुलिस कर्मियों के बीच धक्का मुक्की हुई। उनके इस रुख के चलते सोशल डिस्टेंसिंग भी तार-तार हुई।
राजभवन की ओर न बढ़ पाने पर कांग्रेसी धरने पर बैठ गए। यहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री एमपी नैथानी, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनीष खंडूरी, पूर्व विधायक राजकुमार आदि ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
इन सभी ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप जड़ा। कहा कि राजस्थान में सरकार को राजभवन बहुमत साबित करने का मौका नहीं दे रहा है। देश और प्रदेश की सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने में भी असफल साबित हो रही है।