उत्तराखंड के टिहरी में नैलचामी पट्टी के चिरबटिया केदार फड़का तोक में बादल फटने से भिलंगना क्षेत्र में भारी तबाही मची है। खेतों में मलबे के ढेर लग गए जिससे ग्रामीणों के खेतों में तैयार धान, मंडुवा और झगोरे की फसल बर्बाद हो गई।
बुधवार सुबह करीब सात बजे चिरबटिया केदार फड़का तोक में बादल फटा, जिससे नैलचामीगाड़ में उफान आ गया। भटवाड़ा गांव के राजेंद्र सिंह, कपिल बडोनी, प्रमोद बिष्ट आदि ने बताया कि नैलचामीगाड़ उफान पर आने से सौड़, भटवाड़ा, ठेला, केदार फडका में बनी पैदल पुलिया बही गई।
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थार्ती, ठेला, शिवपुरी, मल्याकोट की नहरें क्षतिग्रस्त हो गई। डीएम डा. सौरभ गहरवार ने अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित गांवों का भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया। आपदा प्रभावित गांवों का भूवैज्ञानिकों से सर्वे कराया जाएगा। रिपोर्ट में यदि किसी गांव के पुनर्वास की संस्तुति की जाती है तो शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
एसडीएम केएन गोस्वामी ने बताया कि आपदा से लगभग 15 हेक्टेयर कृषि भूमि का नुकसान पहुंचा है। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता शशिभूषण जोशी ने बताया कि कई जगह बिजली की लाइन टूट चुकी है। अपराह्न बाद क्षतिग्रस्त लाइनों पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। एक-दो दिन के भीतर सभी गांवों में आपूर्ति बहाल की जाएगी।
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टिहरी में बादल फटने से तबाही
- फोटो : अमर उजाला
नैलचामीगाड़ का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन ठेला-थार्ती-चिरबटिया मोटर मार्ग पर बना 15 मीटर लंबा मोटर पुल मलबे में दब गया। चार किमी लंबे मार्ग पर बीते नवंबर में लोनिवि ने 32 लाख की लागत से थार्ती गांव के समीप पुल बनाया था।
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टिहरी में बादल फटने से तबाही
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पुल मलबे में दबने से सरमोली, सौड़, कुंड, भेलकुडी और चौपड़ा गांव का संपर्क कट गया है। लोनिवि के ईई जगदीश चंद्र खाती ने बताया कि पुल वाले स्थान पर पानी की निकासी के लिए कॉजवे निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जलस्तर कम होने पर एक-दो दिन में वहां पर वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा।
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टिहरी में बादल फटने से तबाही
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बादल फटने से लुठियाग गांव में नागदेई देवी का मकान मलबे में दब गया। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। वहीं छपरी गाड़ में घराट ध्वस्त हो गया और पैदल पुल बह गया। रामरतन पंवार, जितेंद्र नैथानी आदि ने बताया कि चिरबटिया क्षेत्र में पांच किमी क्षेत्र में खेत, नहरों, पैदल रास्तों, सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। इधर, मयाली-चिरबटिया-घनसाली राज्य मार्ग भी मरडीगाड़ गदेरे के उफान से कई घंटे बंद रहा जिससे प्रभावित गांवों में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम को पहुंचने में दिक्कत हुई।
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टिहरी में बादल फटने से तबाही
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जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, जखोली के ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने प्रभावित गांवों का भ्रमण किया। डीएम ने बताया कि जिन प्रभावित परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया है उन्हें तत्काल राहत राशि दी जा रही है। डीएम ने कहा कि प्रभावित गांवों का भूगर्भीय सर्वेक्षण किया जाएगा। विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी प्रभावित गांवों का भ्रमण कर आपदा से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया।