उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में शनिवार देर रात बादल फटने से कोहराम मच गया। कर्णप्रयाग व सिमली के बीच पाडुली राडखी में बादल फटने से कर्णप्रयाग नैनीताल हाईवे बंद हो गया। जिसे रविवार को खोल दिया गया। वहीं मूसलाधार बारिश से कर्णप्रयाग ब्लॉक के लंगासू क्षेत्र में तबाही आ गया। जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का पहुँच मार्ग ध्वस्त हो गया। कई आवासीय मकानों में मलबा घुस गया। धल, कंचुला, स्वर्का, धोंथला गांवों की पेयजल लाईने क्षतिग्रस्त हो गई।
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में फटा बादल, खेत बहे, घरों में घुसा मलबा
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सोनला-शिलांगी-मैंखुरा और धरडुंग्री- मैंखुरा मोटर मार्ग बंद हो गए और धल गांव में कई नाली खेत मलबे से पट गए। शनिवार रात्रि की बारिश से तल्ला दशोली, कपीरी और चांदपुर पट्टी के दो दर्जन से अधिक गांवों में कहर बनकर बरसी। गांवों को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं पेयजल लाइनें, रास्ते, खेत, पैदल पुलियाएं, बिजली की लाइनें बारिश में बह गई। जबकि नैनीताल हाईवे पर बना एक ढाबा, पांच से अधिक आवासीय मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में फटा बादल, खेत बहे, घरों में घुसा मलबा
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घटना की जानकारी होने पर तहसील प्रशासन ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नुकसान का जायजा लिया। शनिवार रात्रि को तल्ला दशोली के धल, कांचुला, स्वर्का गांवों के गदेरे तेज बारिश से उफान पर आ गए। ग्राम प्रधान किरन देवी, ग्रामीण दिग्पाल सिंह, दिनेश नगवाल, बसंती डिमरी, गबर सिंह, शिशुपाल सिंह, महिला मंगल दल उपाध्यक्ष ममता देवी, किशोरी प्रसाद, इंद्र सिंह आदि ने बताया कि रात्रि में हुई बारिश से तल्ला धल, खलधार, मल्ला धल, कांचुला और स्वर्का की पेयजल लाइनें और स्रोत मलबे से क्षतिग्रस्त हो गई।
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साथ ही कई खेत मलबे में दब गए। मैखुरा के प्रधान राकेश लाल ने बताया कि गांव में एक पैदल पुलिया सहित कई रास्ते और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है। बणसोली गांव में भी बारिश से नुकसान की सूचना है। चमाली में बीना देवी का मकान और सिंचाई की नहरें क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। उत्तरों गांव की प्रधान रेखा नेगी और व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केद्र का पंहुच मार्ग पूरी तरह बह गया है।
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जबकि रमेश लाल, ताजवर सिंह राणा, चक्रधर प्रसाद के मकान भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सिमली के पाडली में नरेंद्र सिंह का ढाबा बारिश में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसमें रखा सामान भी दब गया है। वहीं सिमली में बीना देवी का मकान भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है।