कार हादसे में घायल दोनों बच्चे तेज दर्द से छाई बेहोशी में भी अपने दादा को याद करते रहे। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान वंश और शानू बार-बार अपने दादा को पुकार रहे थे। बच्चों के बार-बार ‘दादा कहां हो, दादा आ जाओ’ दोहराने से वहां मौजूद अन्य लोगों की आंखें भी भर आई। शुक्रवार सुबह सुरेंद्र सिंह भंडारी अपने दोनों पोतों वंश और शानू के साथ मूल गांव थपलगांव जाने के लिए तैयार हुए। तब दोनों बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं था। दादा ने बच्चों के लिए चिप्स, कुरकुरे, बिस्कुट, नमकीन घर से ही रख दी थी।
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रुद्रप्रयाग में कार हादसा
यहां तक कि गांव के लिए सब्जी व खाने का तेल व अन्य सामग्री सहित ठंड से बचने के लिए गर्म कंबल भी वाहन में रख दिए थे। करीब 11 बजे वे गौचर से रवाना हुए। पौने दो घंटे के सफर में वंश और शानू अपने दादा से खूब बतियाते रहे। इस दौरान अपने पोतों की अठखेलियों से दादा भी खुश थे, लेकिन काल को शायद यह मंजूर नहीं था। कार थपलगांव से करीब 17 किमी पहले सगणू गांव के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
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घायल बच्चों के पिता सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनके दोनों बच्चों का अपने दादा (सुरेंद्र सिंह भंडारी) से खूब लगाव था। दादा के साथ स्कूल जाना व घर आने के साथ ही खेलना और खाना भी साथ ही होता था। यहां तक कि दोनों बच्चों को अक्सर उनके दादा ही नहलाते और तैयार करते थे। बता दें कि चोपड़ा-गढ़ीधार मोटर मार्ग पर एक कार दुर्घटना में दादा की मौत हो गई और उनके दोनों पोते घायल हो गए। घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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यहां प्राथमिक उपचार के बाद पांच वर्षीय बालक को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। कार सुरेंद्र सिंह भंडारी ही चला रहे थे। घटनाक्रम के मुताबिक थपलगांव निवासी सुरेंद्र सिंह भंडारी अपनी आल्टो कार से शुक्रवार दोपहर गौचर से थपलगांव जा रहे थे। उनके साथ उनके दोनों पोते भी कार में सवार थे। करीब पौने एक बजे वह सणगू गांव के पास पहुंचे ही थे कि तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर 10 मीटर नीचे सणगू-सारी मोटर मार्ग पर छत के बल जा गिरी। हादसे में सुरेंद्र सिंह भंडारी (62) पुत्र नत्था सिंह भंडारी की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके दोनों पोते वंश (9) और शानू (5) पुत्र सत्येंद्र सिंह भंडारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
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दर्द से कराहते हुए वंश बमुश्किल से वाहन से बाहर निकला और सड़क किनारे खड़ा होकर रोने लगा। तभी मार्ग से गुजर रहे वाहन में बैठे लोगों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वाहन को रुकवा दिया। उन्होंने गंभीर रूप से घायल बच्चे का ढाढ़स बंधाया और वाहन में फंसे एक और बच्चे को बाहर निकाला। दोनों बच्चों को निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वंश के बाएं हाथ में चोट आई है, जबकि शाून के सिर के पीछे चोट से सूजन आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीटी स्कैन के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। विधायक भरत सिंह चौधरी, एसडीएम सदर देवानंद, सीओ श्रीधर प्रसाद बडोला ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।