आखिर लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सचिन का पसंदीदा आशियाने में बना अवैध निर्माण कैंट बोर्ड लंढौर ने तोड़ दिया। आलीशान रसोईघर से लेकर भवन में अवैध रूप से बनाए गए ढांचे को बोर्ड की ओर से भेजी गई टीम ने तोड़ दिया। तस्वीरें...
इस दौरान भारी पुलिस बल और सेना के जवान तैनात रहे। यह निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तोड़ा गया। अभी पूरा निर्माण तोड़ने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। मंगलवार को सचिन तेंदुलकर के खास दोस्त और बिजनेस पार्टनर संजय नारंग के ढहलिया बैंक पर छावनी परिषद लंढौर की जेसीबी गरज पड़ी।
हालांकि संजय नारंग ने अपने आदमियों से भवन खाली कराकर तोड़ने की कार्रवाई भी शुरू कर दी थी, लेकिन छावनी प्रशासन ने नांरग के ढहलिया बैंक में भवन के ध्वस्तीकरण का नोटिस चिपका दिया। मंगलवार सुबह 10 बजे के करीब ध्वस्तीकरण के लिए मजदूर पहुंचे तो नारंग के सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
यहां तक कि पुलिस को भी नहीं जाने दिया। दो घंटे की जद्दोजहद के बाद आखिर छावनी सीईओ जाकिर हुसैन, कोतवाल राजीव नैथानी और नायब तहसीलदार अंदर गए। उसके आधे घंटे बाद एसडीएम मसूरी मीनाक्षी पटवाल भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने अंदर जाकर भवन का निरीक्षण किया और उसके बाद भवन की छत पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही संजय नारंग की लेबर को वहां से बाहर कर दिया।
इस दौरान सेना की एक टुकड़ी भी आईटीएम की सीमा पर तैनात कर दी गई। पूरा भवन खाली करने के बाद ध्वस्तीकरण का ठेका लेने वाली कंपनी यश इंटरप्राइजेज के निदेशक विशाल भारद्वाज बुल्डोजर सहित पूरी टीम लेकर भीतर पहुंचे और ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया।