बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक अली अब्बास जफर जब मसूरी के वेल्हम ब्वॉयज स्कूल के ऑडिटोरियम में पहुंचे तो बच्चों ने सवालों की झड़ी लगा दी। फिर क्या था जफर ने बच्चों के हर सवाल पर खुलकर अपनी बात रखी।
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mussoorie
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वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा की ओर से आयोजित अली अब्बास जफर के साथ टॉक शो दौरान जफर ने बताया कि देश-विदेश में प्रसिद्धि पा चुकी अपनी फिल्मों की कहानी वे मसूरी की शांत वादियों में ही लिखते हैं।
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एक था टाइगर
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मेरे ब्रदर की दुल्हन, गुंडे और एक था टाइगर जैसी सुपरहिट फिल्मों के निर्देशक अली अब्बास जफर शुक्रवार को दून में थे। टॉक शो में सतीश शर्मा के साथ बातचीत के दौरान अली ने बताया कि उनकी फिल्में भले ही देश-विदेश में बहुत नाम कमा चुकी हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे मेरा राज्य उत्तराखंड ही है।
बताया कि यहां की शांत फिजाओं में बैठकर ही मैं उनकी कहानी लिखता हूं। अली ने कहा कि जब वे बेहद थक जाते हैं तो सीधे मसूरी चले आते हैं। वहां चार दुकान पर कुछ खाते हैं, फिर कोई कमरा लेकर कुछ दिन के लिए उसमें कैद हो जाते हैं और वहां फिल्म की कहानी लिखते हैं। उन्होंने कहा कि दून उन्हें बेहद प्यारा है। एक तो यहां वे पले-बढ़े हैं और फिर उनका परिवार भी यही है। यहां से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हैं।
सलमान के साथ अपने अनुभव के बारे में बताया कि वह मुझसे सीनियर हैं और 15 वर्ष बड़े भी। उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। जब अली से अपने ड्रीम स्टार के साथ काम करने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं सबसे बड़े स्टार सलमान खान के साथ काम कर चुका हूं तो फिलहाल किसी स्टार को लेकर ऐसा कुछ नहीं सोचा।