चुनावों में भाजपा और कांग्रस के सिंबल पर संकट मंडरा रहा है। यही नहीं सिंबल के इस्तेमाल पर राज्य निर्वाचन आयोग रोक भी लगा सकता है।
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उत्तराखंड: भाजपा और कांग्रेस के सामने खड़ी हुई परेशानी, छिन सकता है सिंबल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 04 Jan 2018 08:47 AM IST
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नगर निगम देहरादून
- फोटो : file photo
नगर निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के सिंबल के इस्तेमाल पर राज्य निर्वाचन आयोग रोक लगा सकता है। आयोग ने चार राष्ट्रीय दलों को नोटिस भेजकर यह चेतावनी दी है।
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भाजपा, कांग्रेस के अलावा सीपीआई (एम) और एनसीपी भी आयोग के नोटिस की जद में हैं। इन दलों ने अपने अकाउंट की एनुअल ऑडिट रिपोर्ट और इनकम टैक्स के नोड्यूज संबंधी दस्तावेज राज्य चुनाव आयोग में जमा नहीं कराए हैं। आयोग ने दलों को 10 जनवरी 2018 तक का समय दिया है।
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नोटिस
- फोटो : demo pic
तय समय तक ऐसा न होने पर नगर निकाय चुनाव में संबंधित दल के उम्मीदवार को सिंबल का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्धन ने चार दलों को नोटिस भेजे जाने की पुष्टि की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
आयोग ने अपने नोटिस में कहा है कि ये बाध्यता है कि दल अपने लेखों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट को नियमित रूप से उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा दल हर साल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोड्यूज सर्टिफिकेट भी जमा कराने के लिए बाध्य हैं। ऐसा न करने पर संबंधित राजनीतिक दल की मान्यता/ पंजीकरण निरस्त करने का अधिकार चुनाव आयोग को है। कहा गया है कि कई बार पत्र भेजे जाने के बावजूद कांग्रेस, भाजपा, सीपीआई (एम) और एनसीपी ने संबंधित दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं। आयोग के नोटिस कांग्रेस, भाजपा और एनसीपी के प्रदेश अध्यक्षों और सीपीआई (एम) के प्रदेश सचिव के नाम से भेजे गए हैं।