भगवान गणेश सभी कष्टों को दूर करने वाले हैं। उनके पूजन से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। लेकिन गणेश चतुर्थी की रात को अगर आपने ये एक काम किया तो आप पर जिंदगीभर के लिए एक 'कलंक' लग जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुबोध शास्त्री के अनुसार, गणेश चतुर्थी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप समाप्त हो जाते है। चतुर्थी की तिथि को चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है। 12 सितंबर को चंद्रमा के दर्शन न करने की अवधि 4 घंटे 26 मिनट व 13 सितंबर को 11 घंटे 40 मिनट है। इस अवधि में आप चंद्रमा न देखें। ऐसा क्यों है ये आगे जानिए...
शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति इस रात्रि को चन्द्रमा को देखते हैं उन्हें झूठा-कलंक लगता है। इस दिन चन्द्र दर्शन करने से भगवान श्री कृष्ण को भी मणि चोरी का कलंक लगा था। इसके साथ ही इस दिन गणेश जी को तुलसी दल नहीं चढ़ाना चाहिए।
कहा जाता है कि, जब भगवान गणेश को गज का मुख लगाया गया तो माता-पिता के रूप में पृथ्वी की सबसे पहले परिक्रमा करने निकले। सभी देवताओं ने उनकी स्तुति की पर चंद्रमा मंद-मंद मुस्कुराता रहा। उसे अपने सौंदर्य पर अभिमान था। गणेशजी समझ गए कि चंद्रमा अभिमानवश उनका उपहास कर रहा है। क्रोध में आकर भगवान श्रीगणेश ने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि आज से तुम काले रंग के हो जाओगे।
इसके बाद चंद्रमा को अपनी भूल का अहसास हुआ। उसने श्रीगणेश से क्षमा मांगी तो गणेशजी ने कहा कि सूर्य के प्रकाश से तुम्हें धीरे-धीरे अपना स्वरूप पुनः प्राप्त हो जाएगा, लेकिन भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का यह दिन तुम्हें दंड देने के लिए हमेशा याद किया जाएगा। जो कोई व्यक्ति आज तुम्हारे दर्शन करेगा, उस पर चोरी का झूठा आरोप लगेगा।