बैंक अपने ग्राहकों को जितनी सुविधाएं देता है उतनी ही सावधानी से उन्हें बरतने की हिदायत भी देता है। ऐसे में बैंकों का नियम है कि वे अपने ग्राहकों से कुछ बातें फोन पर कभी नहीं पूछते हैं। बल्कि कुछ भी हो तो सीधे बैंक आने के लिए कहते हैं।
बता दें कि देश का कोई भी बैंक प्रबंधन अपने खाताधारकों से खाता, एटीएम, आधार और पेन कार्ड की जानकारी कभी भी फोन पर नहीं मांगता है। यहां तक कि पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित संस्थाएं किसी भी व्यक्ति से उसके बैंक से जुड़ी जानकारी न तो मोबाइल पर साझा करती हैं और न फोन या पत्र के जरिए मांगती है।
बावजूद समय-समय पर पढ़े-लिखे लोग मोबाइल कॉल से मांगी गई जानकारी पर अपना एटीएम व आधार नंबर बताकर ठगी का शिकार हो हैं। अकेले रूद्रप्रयाग में ही में पिछले 10 दिनों में मोबाइल कॉल से आधार व एटीएम का नंबर मांगकर ठगी की 4 घटनाएं हो चुकी हैं। अगस्त्यमुनि की दिव्या हो चाहे परकंडी के भरत व चोपता क्षेत्र के विक्रम या फिर ताल जामण के राकेश लाल, चारों लोगों ने ठगों ने एक ही तरीके से ठगी कर उनके खातों से ऑनलाइन हजारों रुपये उड़ा लिए।
हैरत यह है कि पुलिस और बैंक प्रबंधन बैंक ग्राहकों को समय-समय पर इस तरह का कॉल से बचने के लिए जागरूक करने में जुटा है। बावजूद ठग, अपना जाल बिछाने में सफल हो रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पढ़े-लिखे लोग सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं। एसबीआई के शाखा प्रबंधक बीएस तोमर ने बताया कि बैंक अपने ग्राहक की किसी भी जानकारी को मोबाइल पर साझा नहीं करता है। फोन पर अगर आपका खाता एटीएम या आधार का नंबर मांगा जाए तो उस पर ध्यान न दें।
ऐसे में जब भी आपके मोबाइल पर आपसे आधार, एटीएम, पेन कार्ड या बैंक खाता की जानकारी मांगी जा रही हो, उसे कॉल को काट दे। मोबाइल पर किसी भी प्रकार की लॉटरी खुलने और लकी ड्रा निकलने की कॉल पर दिए गए खाते में रुपये जमा न करे।