सरकार का ये फैसला शिक्षकों के लिए बुरी खबर लेकर आया है। पढ़कर टेंशन बढ़ जाएगी।
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तबादले
- फोटो : amar ujala
नई तबादला नीति के तहत सुगम दुर्गम का निर्धारण जिलाधिकारी करेंगे। इसके साथ ही मैदानी जनपदों में दस साल से जमे शिक्षक एवं अन्य शिक्षणेतर स्टाफ को पहाड़ चढना पड़ेगा। जबकि पहाड़ से कुछ शिक्षक-कर्मियों को मैदान में नियुक्त किया जाएगा। तबादला नीति के तहत दस जून तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संगठनों के पदाधिकारियों की मंगलवार को बैठक बुलाई है। शासन की सचिव डा. भूपिंदर कौर औलख ने जिलाधिकारी को निर्देेश जारी करते हुए सुगम दुर्गम का निर्धारण करने के साथ अन्य गाइड लाइनों को लागू करने को कहा। इसके तहत 25 मार्च तक मैदानी क्षेत्रों के दुर्गम सुगम क्षेत्रों का निर्धारण करके देना होगा।
जिसमें लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 के अनुपालन में विद्यालयों के कोटिकरण के संबंध में प्रस्तावित मानकों के आधार पर विद्यालय शिक्षा विभाग के लिए सुगम एवं दुर्गम क्षेत्र का चिह्निीकरण किया जाना है।
नई गाइड लाइन से शिक्षक एवं मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संगठनों में आक्रोश को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सामंजस्य स्थापित करने को बैठक बुलाई है। जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी ने अपने कार्यालय में बैठक बुलाई है। उन्होंने बैठक में सभी खंड शिक्षा अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी एवं राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, राजकीय उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ और एजूकेशन मिनिस्ट्रीयल संघ जनपद हरिद्वार के अध्यक्ष एवं सचिवों को बुलाया है। बैठक 20 मार्च को शाम 4 बजे मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय रोशनाबाद में होगी।