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Ankita Murder Case: 45 मिनट थे सबसे भारी...गाड़ी पलटने वाली थी बेकाबू भीड़, आरोपियों के फाड़ दिए थे कपड़े

Sat, 31 May 2025 06:11 PM IST
अलका त्यागी जितेंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून)
जितेंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर(देहरादून) Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 31 May 2025 06:11 PM IST
सार

Ankita Murder Case: जैसे ही ऋषिकेश और आसपास के लोगों को आरोपी पुलकित आर्य, उसके पीए अंकित गुप्ता उर्फ पुलकित और वनंत्रा रिजॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर की गिरफ्तारी की खबर लगी तो थाने में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

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Ankita Murder Case: 45 minutes were heaviest crowd had gone out of control Torn Accused Clothes
अंकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

अंकिता हत्याकांड का खुलासा होने के बाद सबसे भारी वो 45 मिनट रहे जब, उस वक्त तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए पुलिस जीप से कोटद्वार ले जाया जा रहा था। गंगा भोगपुर में चीला शक्ति नहर किनारे जमा सैकड़ों आक्रोशित लोगों की भीड़ ने जीप को रोक दिया। लोगों ने जीप को उठाकर नहर में फेंकने का पूरा प्रयास किया। पुलिस 45 मिनट तक आरोपियों की ढाल बन भीड़ से जूझने के बाद आरोपियों को कोटद्वार रवाना करने में कामयाब रही।



पुलिस ने 23 सितंबर 2022 को लक्ष्मणझूला थाने में अंकिता हत्याकांड का खुलासा किया था। जैसे ही ऋषिकेश और आसपास के लोगों को आरोपी पुलकित आर्य, उसके पीए अंकित गुप्ता उर्फ पुलकित और वनंत्रा रिजॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर की गिरफ्तारी की खबर लगी तो थाने में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने अंदाजा लगा लिया था कि कभी भी भीड़ बेकाबू हो सकती है।

लक्ष्मणझूला थाने के तत्कालीन वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोहर रावत और चीला चौकी प्रभारी श्रद्धानंद सेमवाल तीनों आरोपियों को लेकर पुलिस जीप से कोटद्वार न्यायालय की ओर निकल गए। इस दौरान थाने में मौजूद पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र के एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने आरोपियों को चीला शक्ति नहर के रास्ते कोटद्वार ले जाने की बात कुछ सोशल मीडिया ग्रुप में साझा कर दी। सूचना चिंगारी की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गई। गंगा भोगपुर के पास शक्ति नहर किनारे स्थानीय ग्रामीण, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल के सीमांत क्षेत्र से पहुंचे लोगों की भीड़ जमा हो गई।

Ankita Murder Case: ...जब जान बचाकर भागे थे पूर्व कर्मचारी, वनंत्रा रिजॉर्ट में ही कैद होकर रह गईं शिकायतें

Ankita Murder Case: 45 minutes were heaviest crowd had gone out of control Torn Accused Clothes
अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

मौके पर करीब 300 लोग मौजूद थे। भोगपुर के पास पहुंचते ही आक्रोशित लोगों ने पुलिस जीप को घेर लिया। लक्ष्मणझूला थाने के तत्कालीन वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोहर रावत ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, लोग पुलिसकर्मियों को धक्का देने लगे। भीड़ में महिलाएं, बच्चे, किशोर और युवा भी शामिल थे। हर कोई अंकिता भंडारी को अपनी बहन बताते हुए मौके पर ही फैसला करने की बात कह रहा था।

Ankita Murder Case: 45 minutes were heaviest crowd had gone out of control Torn Accused Clothes
अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

इस बीच आक्रोशित लोगों ने अचानक पत्थरों और घूंसों से जीप के शीशों पर वार करना शुरू कर दिया। कुछ मिनट में जीप के शीशे चकनाचूर हो गए। लोग जीप के भीतर बैठे तीनों आरोपियों को पत्थर और घूंसों से मारने लगे। जीप के भीतर बैठा मुख्य आरोपी पुलकित आर्य आक्रोशित भीड़ से डरने की बजाय स्वयं ही लोगों को घूंसे मार रहा था। लोगों ने जीप के दरवाजे खोलने का प्रयास किया। लेकिन मनोहर रावत ने साथी पुलिसकर्मियों से कहा कि वह जीप के दरवाजे और खिड़कियों को घेर कर खड़े रहे। किसी भी हालत में दरवाजे और खिड़कियां खुलने न दें। इस बीच भीड़ ने जीप को उठा लिया और नहर में फेंकने का प्रयास किया।

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Ankita Murder Case: 45 minutes were heaviest crowd had gone out of control Torn Accused Clothes
अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

भीड़ को समझाने के लिए कोटद्वार के तत्कालीन एसडीएम प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे तो महिलाओं ने उनको उठाकर सड़क के किनारे बैठा दिया। यमकेश्वर तहसील के तत्कालीन तहसीलदार मनजीत सिंह ने एक किशोर के हाथ से कांच की टूटी बोतल छीनी। किशोर का कहना था कि वह तीनों को जान से मार देगा। आक्रोशित भीड़ में सबसे आगे महिलाएं थीं, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल में महिला पुलिसकर्मी शामिल नहीं थी। करीब 45 मिनट तक पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए भीड़ से जूझती रही और उनकी मिन्नतें करती नजर आई।

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अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

इस बीच कोटद्वार के पौड़ी गढ़वाल के एएसपी शेखर सुयाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उनके साथ देवप्रयाग, ऋषिकेश और आसपास के थानों का पुलिस बल भी था। उनके लाठीचार्ज के निर्देश देते ही पुलिस ने भीड़ पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दी। भीड़ ने भी पुलिस बल पर पथराव किया। हालांकि कुछ देर में पुलिस भीड़ को तितर बितर करने में कामयाब रही।

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