भारी बारिश के बाद उत्तराखंड में अलकनंदा और भागीरथी के बढ़े जल स्तर से लोगों की पूरी रात नींद उड़ी रही। उफनाई नदी को देखते हुए देवप्रयाग के संगम बाजार में दुकानदारों ने अपनी दुकानें भी खाली कर दी। देर रात नदियों का जल स्तर थोड़ा घटने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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अलकनंदा-भागीरथी का जलस्तर बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, दो दिन लगातार बारिश से टिहरी बांध की झील का जल स्तर करीब छह मीटर बढ़ गया है। जलस्तर आरएल(रिजर्व लेवल) 807 से बढ़कर आरएल 813.65 मीटर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से विद्युत उत्पादन में भी वृद्धि हुई है।
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अलकनंदा-भागीरथी का जलस्तर बढ़ा
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रविवार रात अलकनंदा और भागीरथी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। जिससे भागीरथी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गयी। जलस्तर बढ़ने से भागीरथी-अलकनंदा संगम तट और भगवान राम की तपस्थली रामकुंड पूरी तरह जलमग्न हो गयी।
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अलकनंदा-भागीरथी का जलस्तर बढ़ा
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दो घंटे के अंदर ही संगम के निकट बना श्राद्ध भवन व उसके ऊपर स्थित प्लेटफार्म पूरी तरह डूब गए। रुद्रप्रयाग में भी अलकनंदा नदी का जलस्तर 625.800 मीटर था। जो खतरे के निशान से सिर्फ 200 मिमी कम था। लोग इसे देखकर दहशत में आ गए।
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अलकनंदा-भागीरथी का जलस्तर बढ़ा
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गंगा के तेजी से बढ़ते जलस्तर से यहां स्थित पब्लिक स्कूल, गंगा मंदिर व घरों सहित संगम बाजार में पानी घुसने की आशंका बन गई। जिसको देखते ही संगम के आस-पास की बस्ती में रहने वाले लोगो में अफरा-तफरी मच गयी।