फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

40 दिन से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा एक आंदोलनकारी, परिजन नहीं जुटा पा रहे इलाज के लिए पैसे

Mon, 04 Mar 2019 10:11 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 04 Mar 2019 10:11 AM IST
विज्ञापन
Agitator struggle for life in hospital from 40 days parents do not have money for treatment
आंदोजनकारी अमित ओबरॉय

करीब 23 साल से बिस्तर पर बेजान पड़े राज्य आंदोलनकारी अमित ओबेराय पिछले 40 दिन से राजधानी के मैक्स अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। उन्हें निमोनिया हो गया था, जिससे एकाएक रक्तचाप गिरने से उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें राजपुर रोड स्थित मैक्स अस्पताल में भरती कराना पड़ा। जब से अमित अस्पताल में भर्ती हुए हैं, उनकी सरकार के किसी भी नुमाइंदे ने अब तक कोई सुध नहीं ली है।

Agitator struggle for life in hospital from 40 days parents do not have money for treatment
आंदोजनकारी अमित ओबरॉय

हालांकि अमित के शुभचिंतकों की ओर से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तक संदेश पहुंचाने के प्रयास भी हो चुके हैं। अमित वर्ष 1995 में राज्य आंदोलन के दौरान रिस्पना पुल से नीचे गिर गए थे। इस हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी को गंभीर नुकसान पहुंचा था, जिससे उनका आधा शरीर बेजान हो गया। तब से वे बिस्तर पर जिंदगी काट रहे हैं और दवाइयों के सहारे हैं।

Agitator struggle for life in hospital from 40 days parents do not have money for treatment
आंदोजनकारी अमित ओबरॉय

उनके इलाज पर हर महीने हजारों का खर्च आता है। सरकार से उन्हें राज्य आंदोलनकारी कोटे की 10 हजार रुपये महीना पेंशन मिलती है। ये पेंशन उनके इलाज पर ही खर्च हो जाती है। उनकी वृद्ध माता नीलम ओबेराय उनकी तीमारदारी करती हैं। अमित की माता के मुताबिक, 40 दिन पूर्व अमित को निमोनिया ने जकड़ लिया। उनका यूरीन इंफेक्शन बढ़ गया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वे कई दिन तक आईसीयू में रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Agitator struggle for life in hospital from 40 days parents do not have money for treatment
आंदोजनकारी अमित ओबरॉय

दो दिन से उनकी हालत में कुछ सुधार है।’ लेकिन अमित के परिजनों की दूसरी बड़ी चिंता इलाज का लगातार बढ़ता खर्च है। ये खर्च लाखों में पहुंच चुका है। परिवार इतना समर्थ नहीं है कि इतना अधिक खर्च उठा सके। इसलिए उनकी आशाएं प्रदेश सरकार की ओर लगी हैं। दो दिन पहले अस्पताल में अमित की कुशलक्षेम लेने के बाद राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. नवीन बलूनी से सहयोग की अपील कर चुके हैं।

विज्ञापन
Agitator struggle for life in hospital from 40 days parents do not have money for treatment
आंदोजनकारी अमित ओबरॉय

अमित ओबेराय राज्य आंदोलनकारी है। उसकी मदद करना सरकार का दायित्व है। मैंने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सलाहकार को अवगत करा दिया था। लेकिन अब तक अमित की कोई मदद नहीं हो पाई है।
-रविंद्र जुगरान, राज्य आंदोलनकारी

मुझे रविंद्र जुगरान जी ने अमित ओबेराय के बारे में बताया था। मेरी अभी मुख्यमंत्री जी से बात नहीं हो पाई है। रविवार तक उन्हें इस बारे में अवगत करा दूंगा। 
-डॉ. नवीन बलूनी, स्वास्थ्य सलाहकार, मुख्यमंत्री

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed