टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण की जब भी बात होती है तो सबसे पहले 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डंस में खेली उनकी करिश्माई पारी याद आती है। लक्ष्मण गुरुवार को अपने 44वां बर्थ-डे मना रहे हैं। यह बात क्रिकेट फैंस अच्छे से जानते हैं कि लक्ष्मण की पसंदीदा शिकार ऑस्ट्रेलिया रही है। लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कई यादगार पारियां खेली हैं।
इन्हीं में से एक मोहाली में खेली गई लक्ष्मण की वेरी वेरी स्पेशल पारी है। यह पारी इसलिए खास है क्योंकि दाएं हाथ के बल्लेबाज पीठ दर्द की समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन विकेट गिरने के कारण वह रनर के सहारे मैदान पर डटे रहे और टीम इंडिया को जीत दिलाई।
2010 में पुछल्ले बल्लेबाजों इशांत शर्मा और प्रज्ञान ओझा के साथ क्रीज पर डटकर खेलते हुए टीम इंडिया को एक विकेट की यादगार जीत दिलाई थी। इस टेस्ट में भारत 216 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था। मगर उसके 8 विकेट महज 124 रन पर ही गिर गए थे। वीवीएस ने हार नहीं मानी और उन्होंने पहले इशांत व फिर प्रज्ञान ओझा के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां करके ऑस्ट्रेलिया के मुंह से जीत छीन ली थी।
अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया की टीम 2 टेस्ट मैच की सीरीज खेलने के लिए भारत के दौरे पर थी। पहला टेस्ट मोहाली में खेला गया जहां शेन वाटसन (126) के शतक के दम पर मेहमान टीम 428 रन बनाने में कामयाब रही। इसके बाद टीम इंडिया 405 रन बनाकर आउट हो गई। भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर ने 98 और सुरेश रैना ने 86 रनों की पारी खेली थी। जबकि पहली पारी में लक्ष्मण सिर्फ 2 रन ही बना सके थे। दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने गजब का खेल दिखाया और कंगारुओं की दूसरी पारी 192 रनों पर आउट हो गई।
तेज गेंदबाज जहीर खान ने मैच में 8 विकेट झटके। जहीर के साथ अन्य गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की जिससे ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 192 रनों पर सिमट गई और भारत को जीत के लिए 216 रनों का लक्ष्य मिला। लेकिन उम्मीद के उलट भारत को बेहद खराब शुरुआत मिली और 48 रन तक उसके 4 विकेट गिर गए थे। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक गौतम गंभीर (0), राहुल द्रविड़ (13), वीरेंद्र सहवाग (17) और सुरेश रैना (0) सस्ते में पवेलियन लौट गए थे और स्कोर था 4 विकेट पर 55 रन।