एकदिवसीय और टी-20 श्रृंखला के बाद अब भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीम टेस्ट सीरीज खेलने को तैयार है। दोनों ही टीमें बृहस्पतिवार से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में आमने-सामने होंगी। इस दौरान खेल के साथ-साथ दोनों ही टीमों में स्लेजिंग भी देखने को मिल सकती है। हालांकि आक्रामक रवैए के लिए मशहूर टीम इंडिया के कप्तान विराट इस बार नरम दिखाई पड़ रहे हैं।
विराट ने स्लेजिंग को बताया बेकार, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने पीछे हटने से किया इनकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने छींटाकशी को व्यर्थ चीज बताया है और वादा किया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला के दौरान ‘गैर जरूरी चीजों को बाहर कर दिया जाएगा’। वहीं उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष टिम पेन का कहना है कि अगर मैच के दौरान इसकी जरूरत पड़ती है तो वह इससे पीछे नहीं हटेंगे।
कोहली ने यहां दिन-रात्रि शुरुआती टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, ‘मुझे लगता है कि महामारी के कारण इस साल लोगों ने बहुत सारी चीजें महसूस की हैं जिनकी पहले शायद जरूरत नहीं पड़ी होगी जिसमें आपके मन में शिकायत रहती है या फिर टीमों या व्यक्तियों के बीच गैर जरूरी तनाव होता हो जो पूरी तरह से व्यर्थ है।’
पेन हालांकि सहमत थे कि आक्रामक होने की जरूरत नहीं है लेकिन वह और उनके खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, ‘हां, देखिए, जहां तक मैदान के अंदर की बात है तो हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा।’
पेन ने कहा, ‘आप निश्चित रूप से योजना बनाकर नहीं जा सकते या फिर अतिरिक्त आक्रामक या ऐसा कुछ नहीं कर सकते। हम मैदान पर जाकर अपनी योजना के अनुसार चलने की कोशिश करते हैं।’ लेकिन पेन ने स्वीकार किया कि कभी कभार मैदान पर चीजें आक्रामक हो जाती हैं। और अगर ऐसा होता है तो उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं कि यह टीम पीछे कदम नहीं करेगी।’
भारतीय कप्तान को हालांकि लगता है कि अगर कोई आक्रामक होता है तो किसी को व्यक्तिगत होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘आप फिर भी पेशेवर हो और सुनिश्चित कीजिए कि आप सकारात्मक रहो और अपने शारीरिक हावभाव व मैदान में आप कैसे चीज करते हो, उसमें आक्रामक रहो।’