टी20 विश्व कप 2024 जीतने के बाद टीम इंडिया देश लौट चुकी है। गुरुवार को भारतीय खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का दिल्ली में भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद सभी खिलाड़ी और स्टाफ मुंबई पहुंचे। मुंबई में एयरपोर्ट से ही भारी भीड़ उनके स्वागत के लिए जमा थी। फिर खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने मरीन ड्राइव से एक खुली बस में वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे। इस दौरान हजारों की संख्या में भीड़ जश्न मनाने के लिए मौजूद थी। खिलाड़ियों ने इस सफर का जमकर आनंद लिया। हालांकि, विक्ट्री परेड में जो सबसे ज्यादा खास पल रहा, वह बस पर रोहित शर्मा और विराट कोहली का एक साथ ट्रॉफी उठाना रहा। दोनों के ब्रोमांस को फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।
दरअसल, विक्ट्री परेड के दौरान रोहित और विराट शुरू में अलग-अलग खड़े हुए थे। इसके बाद दोनों बस में पीछे की तरफ गए और एकसाथ ट्रॉफी पकड़कर फैंस को दिखाया। इस लम्हे को सबसे खास बताया जा रहा है। इन दोनों ने बारबाडोस में भी एक साथ ट्रॉफी उठाई थी। लेकिन भारतीय फैंस इसका दीदार नहीं कर सके थे। अब उन्होंने उस लम्हे को यहां पर भी बनाया। रोहित और विराट के बस पर ट्रॉफी को उठाते ही फैंस ने जबरदस्त चीयर किया और दोनों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद दोनों टीम के साथ मिल गए।
भारत के टी20 विश्व कप जीत में रोहित और विराट दोनों का योगदान रहा है। रोहित ने जहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और फिर सेमीफाइनल में महत्वपूर्ण रन बनाए, वहीं विराट ने फाइनल में अहम पारी खेली। हालांकि, फाइनल के बाद दोनों ही खिलाड़ियों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया। इसके अलावा रवींद्र जडेजा ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय को अलविदा कह दिया। रोहित और कोहली अब भी महेंद्र सिंह धोनी और शाहरुख खान (कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक) के अलावा आईपीएल के दो सबसे बड़े ब्रांड की तरह हैं।
यह टी20 विश्व कप ट्रॉफी सही मायनों में उन्हीं (रोहित और कोहली) की थी। भारतीय टीम अगर बीते नवंबर में वनडे विश्व कप जीत जाती तो शायद रोहित टी20 विश्व कप में खेलने के लिए इतने बेताब और सब कुछ झोंकने को तैयार नहीं होते। रोहित क्रिकेट की दुनिया में उसी तरह की लोकप्रियता रखते हैं जैसा की धोनी के साथ था। टीम के खिलाड़ियों के साथ उनका जुड़ाव और संवाद बिलकुल नैसर्गिक है। धोनी जूनियर खिलाड़ियों के लिए 'माही भाई' थे तो वही कोहली ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से लोकप्रियता हासिल की थी। लेकिन रोहित को उनके समकक्ष के साथ जूनियर खिलाड़ी भी खूब पसंद करते है। वह साथी खिलाड़ियों के साथ बेबाक संवाद करते है और उन्हें टीम में चयन नहीं होने पर उसका कारण भी बताते हैं।
रविचंद्रन अश्विन का गला यह बताते हुए रुंध गया कि टेस्ट मैच के बीच में जब उनकी मां की तबीयत खराब हुई थी तब बाद कप्तान रोहित ने टीम के एक फिजियो को उनके साथ चेन्नई जाने के लिए कहा था। टी20 अंतरराष्ट्रीय में इन दोनों की भरपाई करना टीम इंडिया के लिए काफी मुश्किल होगा।