टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने कहा है कि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को एक बल्लेबाज के तौर पर और सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धोनी के विकेटकीपिंग में वही धार है, लेकिन एक फिनिशर बल्लेबाज होने के नाते वह एशिया कप में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए।
खराब फॉर्म में चल रहे धोनी को मिली बड़ी नसीहत, पूर्व दिग्गज ने लिया आड़े हाथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्होंने कहा कि एशिया कप में भारत का चैंपियन बनना अगले साल होने वाले विश्व कप को देखते हुए बड़ी बात है। पूरे टूर्नामेंट में धोनी के पास अच्छा करने का शानदार मौका था, लेकिन वह काफी संघर्ष करते नजर आए। एशिया कप के फाइनल में जब टीम इंडिया का 83 रन के स्कोर पर 3 विकेट गिर चुका था तब धोनी बल्लेबाजी करने आए और 67 गेंदों में केवल 36 रन बनाककर आउट हो गए। इस मौके पर उनके पास फिनिशर के तौर पर बल्लेबाजी करने का अच्छा मौका था, लेकिन वह नाकाम रहे। फैंस को धोनी के अच्छे शॉट से काफी उम्मीदें थी।
प्रसाद ने कहा कि एशिया कप में रोहित शर्मा और शिखर धवन की फॉर्म भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन मेरे लिए सबसे अच्छा पहलू भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी रही। उन्होंने कहा कि रोहित की कप्तानी की तरह ही भारतीय तेज गेंदबाजों के प्रयास भी काबीले तारीफ है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि धोनी को अपने बल्लेबाजी स्तर में सुधार लाना होगा नहीं तो युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत उनके विंग में शामिल हैं।
पूर्व क्रिकेटर प्रसाद ने कहा कि किसी भी टूर्नामेंट में कई विजेता होते हैं, लेकिन चैंपियन हमेशा एक ही होता है। मुझे लगता है कि इस टूर्नामेंट से एशियाई क्रिकेट में बदलाव आया है। उन्होंने कहा, 'निचले रैंक की टीमों ने बड़ी टीमों को चुनौती दी। जिन टीमों से उम्मीद नहीं थी, उन्होंने पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमों को मात दी। इस टूर्नमेंट में हांगकांग अफगानिस्तान और बांग्लादेश ने अच्छा खेल दिखाया।'
वहीं, रनरअप बांग्लादेश के बारे में प्रसाद ने कहा, 'यह टीम भले ही एशिया कप का फाइनल हार गई हो, लेकिन टूर्नामेंट में उसका सफर काफी सराहनीय रहा। उसने कड़ी लड़ाई लड़ी और विपक्षी टीम को चुनौती दी। अपने दो अहम खिलाड़ियों (तमीम इकबाल और शाकिब अल हसन) के चोटिल होने के बाद इस टीम ने विकल्पों का अच्छा प्रयोग किया।'