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'पीसीबी ने खुद का मजाक बनवाया': लॉर्ड्स टेस्ट विवाद पर इमरान खान के बेटों की आई प्रतिक्रिया, बोर्ड को घेरा
Sun, 06 Sep 2026 08:06 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 06 Sep 2026 08:06 PM IST
सार
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान के बेटों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और मोहसिन नकवी को आड़े हाथों लिया है। लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान हुए विवाद को लेकर इमरान के दोनों बेटों ने पीसीबी पर निशाना साधा है।
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इमरान खान
- फोटो : IANS
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि इंग्लैंड के खिलाफ हालिया लॉर्ड्स टेस्ट को छोड़ने की धमकी देकर बोर्ड ने खुद का मजाक बनवाया है।
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इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू
- फोटो : sky sports youtube screengrab
क्यों हुआ था विवाद?
यह विवाद दूसरे टेस्ट के दौरान तब शुरू हुआ जब 'स्काई स्पोर्ट्स' ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन द्वारा खान के बेटों, सुलेमान और कासिम के साथ किए गए एक इंटरव्यू को प्रसारित किया। दोनों ने जेल में बंद अपने पिता की बिगड़ती सेहत और पाकिस्तान की जेल की स्थितियों के बारे में बात की। इसके बाद ऐसी खबरें आईं कि पीसीबी ने धमकी दी थी कि अगर इंटरव्यू का प्रसारण रद्द नहीं किया गया तो वे पहले दिन लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरेंगे।
कासिम ने रविवार को कहा, 'उन्होंने खुद का मजाक बनवाया।' वहीं, सुलेमान ने इंटरव्यू पर पीसीबी की प्रतिक्रिया पर हैरानी जताते हुए कहा, मुझे किसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि वे इतने नासमझ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे। पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी जो 22 साल तक इंग्लैंड में रहे, उनके बारे में हुए इंटरव्यू को हटवाने की मांग करना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकार क्षेत्र में नहीं होना चाहिए। यह राजनीति के बारे में नहीं, बल्कि मानवीय स्थिति और उनकी सेहत के बारे में था।
यह विवाद दूसरे टेस्ट के दौरान तब शुरू हुआ जब 'स्काई स्पोर्ट्स' ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन द्वारा खान के बेटों, सुलेमान और कासिम के साथ किए गए एक इंटरव्यू को प्रसारित किया। दोनों ने जेल में बंद अपने पिता की बिगड़ती सेहत और पाकिस्तान की जेल की स्थितियों के बारे में बात की। इसके बाद ऐसी खबरें आईं कि पीसीबी ने धमकी दी थी कि अगर इंटरव्यू का प्रसारण रद्द नहीं किया गया तो वे पहले दिन लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरेंगे।
कासिम ने रविवार को कहा, 'उन्होंने खुद का मजाक बनवाया।' वहीं, सुलेमान ने इंटरव्यू पर पीसीबी की प्रतिक्रिया पर हैरानी जताते हुए कहा, मुझे किसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि वे इतने नासमझ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे। पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी जो 22 साल तक इंग्लैंड में रहे, उनके बारे में हुए इंटरव्यू को हटवाने की मांग करना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकार क्षेत्र में नहीं होना चाहिए। यह राजनीति के बारे में नहीं, बल्कि मानवीय स्थिति और उनकी सेहत के बारे में था।
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इमरान की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के चर्चा में रहने के बीच, कासिम और सुलेमान ने इमरान को कैद में रखने को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं जताई हैं। उन्होंने कहा, वे स्पष्टतौर पर उन्हें वहां मार डालने की उम्मीद कर रहे हैं। वे उन्हें चुप कराना चाहते हैं और धीरे-धीरे उन्हें खत्म कर देना चाहते हैं। पाकिस्तान में इस समय सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के साथ ऐसा करना बहुत मुश्किल काम है। जब भी हम बात करते हैं, तो उनकी रणनीति यही होती है कि सब कुछ ठंडा पड़ जाए और फिर और भी कठोर प्रतिबंध लगा दिए जाएं, जिससे उनके लिए जीवित रहना और भी मुश्किल हो जाए।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के चर्चा में रहने के बीच, कासिम और सुलेमान ने इमरान को कैद में रखने को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं जताई हैं। उन्होंने कहा, वे स्पष्टतौर पर उन्हें वहां मार डालने की उम्मीद कर रहे हैं। वे उन्हें चुप कराना चाहते हैं और धीरे-धीरे उन्हें खत्म कर देना चाहते हैं। पाकिस्तान में इस समय सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के साथ ऐसा करना बहुत मुश्किल काम है। जब भी हम बात करते हैं, तो उनकी रणनीति यही होती है कि सब कुछ ठंडा पड़ जाए और फिर और भी कठोर प्रतिबंध लगा दिए जाएं, जिससे उनके लिए जीवित रहना और भी मुश्किल हो जाए।
सुलेमान ने पाकिस्तानी अधिकारियों के दावे को खारिज किया
पाकिस्तानी अधिकारियों ने लगातार दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि इमरान को पूरी चिकित्सीय देखभाल मिल रही है। हालांकि, सुलेमान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा, एक चिंताजनक बात जो सुनने में आ रही है, वह यह है कि वे उनकी खराब सेहत के बारे में खबरें धीरे-धीरे फैला रहे हैं और ऐसा दिखावा कर रहे हैं कि वे उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असल में वे किसी बड़ी बुरी घटना की तैयारी कर रहे हैं। फिर वे अपना पल्ला झाड़ते हुए कह सकते हैं वह तो बस एक बूढ़े आदमी थे जिनकी मौत हो गई, और हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने हमें इनमें से किसी भी बात का कोई सबूत नहीं दिया है। यह सब सरकारी सूत्रों से सुनी-सुनाई बातें हैं। इसमें कोई पारदर्शिता नहीं है, वे किसी को भी जानकारी तक पहुंच नहीं देना चाहते, तो हम इनमें से किसी भी बात पर कैसे यकीन करें? आखिरी पक्की जानकारी हमें छह महीने पहले उनसे ही मिली थी, जब उन्होंने अपनी आंख के बारे में और इस बात का जिक्र किया था कि कैसे उसकी अनदेखी की गई थी।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने लगातार दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि इमरान को पूरी चिकित्सीय देखभाल मिल रही है। हालांकि, सुलेमान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा, एक चिंताजनक बात जो सुनने में आ रही है, वह यह है कि वे उनकी खराब सेहत के बारे में खबरें धीरे-धीरे फैला रहे हैं और ऐसा दिखावा कर रहे हैं कि वे उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि असल में वे किसी बड़ी बुरी घटना की तैयारी कर रहे हैं। फिर वे अपना पल्ला झाड़ते हुए कह सकते हैं वह तो बस एक बूढ़े आदमी थे जिनकी मौत हो गई, और हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने हमें इनमें से किसी भी बात का कोई सबूत नहीं दिया है। यह सब सरकारी सूत्रों से सुनी-सुनाई बातें हैं। इसमें कोई पारदर्शिता नहीं है, वे किसी को भी जानकारी तक पहुंच नहीं देना चाहते, तो हम इनमें से किसी भी बात पर कैसे यकीन करें? आखिरी पक्की जानकारी हमें छह महीने पहले उनसे ही मिली थी, जब उन्होंने अपनी आंख के बारे में और इस बात का जिक्र किया था कि कैसे उसकी अनदेखी की गई थी।