आईपीएल सीजन-11 में इस साल विदशी टीमों के कई धाकड़ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिसमें न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाड़ी भी शामिल हैं। आईपीएल में न्यूजीलैंड से इस साल ट्रैंट बोल्ट, कॉलिन मुनरो, टिम साउदी, मिचेल सैंटनर, ब्रैंडन मैकुलम, कॉलिन डि ग्रैंडहोम और कप्तान विलियम्सन हिस्सा लेंगे। इसी बीच न्यूजीलैंड क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन (एनजेडसीपीए) ने आईपीएल में खिलाड़ियों की खरीद फरोख्त की जमकर आलोचना की है।
'IPL में जानवरों की तरह होती है क्रिकेटरों की नीलामी'
एनजेडसीपीए के चीफ हेथ मिल्स ने आईपीएल नीलामी पर तंज कसते हुए कहा, 'खिलाड़ियों की आजीविका से गलत खिलवाड़ करने वाली नीलामी की यह प्रक्रिया बेहद अपमानजक है।'
इतना ही नहीं, न्यूजीलैंड हेराल्ड को दिए एक इंटरव्यू में मिल्स ने कहा कि नीलामी की यह प्रक्रिया बेहद पुरानी और भद्दी है। इसमें खिलाड़ियों को गलत ढंग से खरीदकर उन्हें दुनिया के सामने जानवरों की तरह पेश किया जाता है।
इससे पहले मिल्स ने वेलिंगटन क्रिकेट के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर क्लिंटन के एक ट्वीट का भी समर्थन किया था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, 'आईपीएल नीलामी की प्रक्रिया बेहद मर्यादाहीन, क्रूर और गैर-जरूरी रोजगार पैदा करने वाली है। यह आश्चार्यजनक है कि इस तरह की खोखली, हास्यास्पद और मध्ययुगीन प्रणाली आज भी जिंदा है।'
The #IPLAuction is such an undignified, cruel & unnecessary employment practice. Ridiculous that it exists today, belongs in the medieval ages.
मिल्स ने आईपीएल को एक नॉन-प्रोफेशन खेल करार देते हुए कहा कि इसमें खिलाड़ियों की नीलामी का कोई सटीक पैमाना नहीं होता। अपने मुनाफे के लिए फ्रैंचाइजी खिलाड़ियों की फॉर्म को देखते हुए उन पर पैसा लगाती है। बता दें कि आईपीएल नीलामी में इस साल 59 विदेशी खिलाड़ी खरीदे गए हैं, जिनमें से 7 न्यूजीलैंड के हैं।