मिताली राज महिला क्रिकेट की सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में से एक हैं। भारत को गर्व है कि उसके पास दुनिया में 'राज' करने वाली मिताली जैसी महिला बल्लेबाज है। मिताली पिछले 16 सालों से भारतीय क्रिकेट की सेवा कर रही हैं और उनकी उपलब्धियों का कद भी इसके साथ-साथ बढ़ते जा रहा है। पिछले साल वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी के दौरान दाएं हाथ की महिला बल्लेबाज वन-डे में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनी थीं। मिताली ने इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम की थी।
बहरहाल, मिताली फिलहाल मलेशिया में एशिया कप खेलने में व्यस्त हैं और उन्होंने टूर्नामेंट के पहले ही मैच में धमाकेदार पारी खेलकर अपना लोहा मनवाया। मलेशिया के खिलाफ मिताली ने सिर्फ 69 गेंदों में 97 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। उन्होंने विरोधी टीम के गैरअनुभवी गेंदबाजी आक्रमण का भरपूर लाभ उठाया और पूरे 20 ओवर बल्लेबाजी की।
35 वर्षीय मिताली हालांकि अगले दो मैचों में उम्दा योगदान नहीं दे सकीं और क्रमशः 15 व 23 रन की पारी ही खेल सकीं। फिर भी उन्होंने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की, जो भारतीय पुरुष टीम के कप्तान विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे धाकड़ बल्लेबाज भी हासिल नहीं कर सके। जी हां, मिताली भारत की पहली बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 2000 टी-20 इंटरनेशनल रन पूरे किए। मिताली के अब 74 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 2015 रन हो गए हैं। मिताली की इस उपलब्धि पर क्रिकेट जगत को जरूर खुशी होगी क्योंकि वह ऐसा कारनामा करने वाली देश की पहली क्रिकेटर हैं।
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के पास दो हजार रन का आंकड़ा पार करने का शानदार मौका है क्योंकि वह इससे केवल 17 रन दूर हैं। टीम इंडिया को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज खेलना है, जिसमें कोहली अगर खेले तो इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। वैसे, एमएस धोनी का नहीं लगता कि वह मिताली राज को पीछे छोड़ पाएंगे क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके 556 रन हैं।
बता दें कि महिला टी-20 इंटरनेशनल में मिताली राज सर्वाधिक रन बनाने के मामले में सातवें स्थान पर हैं। बहरहाल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप में शानदार प्रदर्शन कर रही है। हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व वाली भारतीय टीम चार मैचों में तीन जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज है। हालांकि, इस दौरान उसे बांग्लादेश के खिलाफ पहली बार शिकस्त का सामना करना पड़ा।